Chess Politics: Samarkand में Russia की एंट्री बैन, Levon Aronian के नेतृत्व में USA टीम का दिखेगा जलवा

Chess Politics: Samarkand में Russia की एंट्री बैन, Levon Aronian के नेतृत्व में USA टीम का दिखेगा जलवा

15 से 27 सितंबर तक समरकंद में होने वाले 46वें शतरंज ओलंपियाड में अमेरिका मजबूत टीम के साथ उतरेगा, जबकि रूस लगातार तीसरी बार इस प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले पाएगा।मौजूद जानकारी के अनुसार, अमेरिका ने इस बार पांच मजबूत खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया है। इनमें लेवोन अरोनियन, फैबियानो करुआना, वेस्ली सो, हंस नीमन और अवेंडर लियांग शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय मास्टर जॉन डोनाल्डसन टीम के कप्तान होंगे, जबकि ग्रिगोरी ओपारिन प्रशिक्षक की भूमिका निभाएंगे।लेवोन अरोनियन के लिए यह ओलंपियाड खास महत्व रखता है। वह पहले आर्मेनिया की ओर से खेलते हुए तीन बार स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। 2021 के अंत में अमेरिका का प्रतिनिधित्व शुरू करने के बाद यह उनका तीसरा ओलंपियाड होगा। उन्होंने 2022 में चेन्नई में अमेरिका के लिए पहली बार खेला था और 2024 में बुडापेस्ट में चौथा बोर्ड खेलते हुए टीम को रजत पदक दिलाने में योगदान दिया था।43 वर्षीय अरोनियन अब एक और स्वर्ण पदक जीतकर चार ओलंपियाड जीतने वाले खिलाड़ियों के खास क्लब में शामिल होना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से सोच रहे हैं कि अब ओलंपियाड जीतने का सही समय है। उनके मुताबिक भारत के अलावा उज्बेकिस्तान, चीन, आर्मेनिया और जर्मनी भी अमेरिका के सामने कड़ी चुनौती पेश कर सकते हैं।गौरतलब है कि अरोनियन इस समय ग्लोबल शतरंज लीग में गंगा ग्रैंडमास्टर्स की ओर से खेल रहे हैं। उनका मानना है कि लीग का दबाव और टीम आधारित मुकाबले ओलंपियाड से पहले अच्छी तैयारी साबित हो सकते हैं। उनके मुताबिक ऐसे मुकाबलों में हर चाल और नतीजे का दबाव महसूस होता है, जो बड़े टूर्नामेंट के माहौल को समझने में मदद करता है।दूसरी ओर रूस के शीर्ष खिलाड़ी इयान नेपोमनियाच्ची इस बार समरकंद में दिखाई नहीं देंगे। यूक्रेन शतरंज महासंघ की शिकायत के बाद खेल पंचाट ने रूस शतरंज महासंघ को निलंबित करने का आदेश दिया था। मामला उन प्रतियोगिताओं से जुड़ा था, जिनका आयोजन रूस के कब्जे वाले क्षेत्रों में किया गया था। अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ ने आदेश का पूरी तरह पालन नहीं किया, जिसके बाद कई राष्ट्रीय महासंघों ने विरोध जताया।रूसी शतरंज के लिए स्थिति तब और गंभीर हुई, जब अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ के अध्यक्ष अर्काडी द्वोरकोविच ने यूरोपीय संघ की प्रतिबंध सूची में शामिल होने के बाद जुलाई में अपनी जिम्मेदारियों से स्वेच्छा से दूरी बना ली।36 वर्षीय नेपोमनियाच्ची ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उनका कहना है कि रूस को उम्मीद थी कि अन्य खेलों की तरह शतरंज में भी उसकी टीमों की वापसी होगी। तटस्थ झंडे के तहत खेलने की उम्मीद भी पूरी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि बेलारूस को खेलने की अनुमति है जबकि रूस बाहर है और उम्मीद है कि आगे स्थिति खेल के हित में बेहतर होगी।इस तरह समरकंद में शतरंज की पुरानी प्रतिद्वंद्विता का नया रूप देखने को मिलेगा। कभी अमेरिका और रूस दोनों एक ही बोर्ड पर आमने-सामने उतरते थे, लेकिन इस बार अमेरिका खिताब के लिए मैदान में होगा और रूस बाहर से प्रतियोगिता देखेगा। यही बदलाव शतरंज की राजनीति और मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात की बदलती तस्वीर पेश करते हैं। 

15 से 27 सितंबर तक समरकंद में होने वाले 46वें शतरंज ओलंपियाड में अमेरिका मजबूत टीम के साथ उतरेगा, जबकि रूस लगातार तीसरी बार इस प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले पाएगा।
मौजूद जानकारी के अनुसार, अमेरिका ने इस बार पांच मजबूत खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया है। इनमें लेवोन अरोनियन, फैबियानो करुआना, वेस्ली सो, हंस नीमन और अवेंडर लियांग शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय मास्टर जॉन डोनाल्डसन टीम के कप्तान होंगे, जबकि ग्रिगोरी ओपारिन प्रशिक्षक की भूमिका निभाएंगे।
लेवोन अरोनियन के लिए यह ओलंपियाड खास महत्व रखता है। वह पहले आर्मेनिया की ओर से खेलते हुए तीन बार स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। 2021 के अंत में अमेरिका का प्रतिनिधित्व शुरू करने के बाद यह उनका तीसरा ओलंपियाड होगा। उन्होंने 2022 में चेन्नई में अमेरिका के लिए पहली बार खेला था और 2024 में बुडापेस्ट में चौथा बोर्ड खेलते हुए टीम को रजत पदक दिलाने में योगदान दिया था।
43 वर्षीय अरोनियन अब एक और स्वर्ण पदक जीतकर चार ओलंपियाड जीतने वाले खिलाड़ियों के खास क्लब में शामिल होना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से सोच रहे हैं कि अब ओलंपियाड जीतने का सही समय है। उनके मुताबिक भारत के अलावा उज्बेकिस्तान, चीन, आर्मेनिया और जर्मनी भी अमेरिका के सामने कड़ी चुनौती पेश कर सकते हैं।
गौरतलब है कि अरोनियन इस समय ग्लोबल शतरंज लीग में गंगा ग्रैंडमास्टर्स की ओर से खेल रहे हैं। उनका मानना है कि लीग का दबाव और टीम आधारित मुकाबले ओलंपियाड से पहले अच्छी तैयारी साबित हो सकते हैं। उनके मुताबिक ऐसे मुकाबलों में हर चाल और नतीजे का दबाव महसूस होता है, जो बड़े टूर्नामेंट के माहौल को समझने में मदद करता है।
दूसरी ओर रूस के शीर्ष खिलाड़ी इयान नेपोमनियाच्ची इस बार समरकंद में दिखाई नहीं देंगे। यूक्रेन शतरंज महासंघ की शिकायत के बाद खेल पंचाट ने रूस शतरंज महासंघ को निलंबित करने का आदेश दिया था। मामला उन प्रतियोगिताओं से जुड़ा था, जिनका आयोजन रूस के कब्जे वाले क्षेत्रों में किया गया था। अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ ने आदेश का पूरी तरह पालन नहीं किया, जिसके बाद कई राष्ट्रीय महासंघों ने विरोध जताया।
रूसी शतरंज के लिए स्थिति तब और गंभीर हुई, जब अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ के अध्यक्ष अर्काडी द्वोरकोविच ने यूरोपीय संघ की प्रतिबंध सूची में शामिल होने के बाद जुलाई में अपनी जिम्मेदारियों से स्वेच्छा से दूरी बना ली।
36 वर्षीय नेपोमनियाच्ची ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उनका कहना है कि रूस को उम्मीद थी कि अन्य खेलों की तरह शतरंज में भी उसकी टीमों की वापसी होगी। तटस्थ झंडे के तहत खेलने की उम्मीद भी पूरी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि बेलारूस को खेलने की अनुमति है जबकि रूस बाहर है और उम्मीद है कि आगे स्थिति खेल के हित में बेहतर होगी।
इस तरह समरकंद में शतरंज की पुरानी प्रतिद्वंद्विता का नया रूप देखने को मिलेगा। कभी अमेरिका और रूस दोनों एक ही बोर्ड पर आमने-सामने उतरते थे, लेकिन इस बार अमेरिका खिताब के लिए मैदान में होगा और रूस बाहर से प्रतियोगिता देखेगा। यही बदलाव शतरंज की राजनीति और मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात की बदलती तस्वीर पेश करते हैं।

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