World Archery Para Series: Sheetal Devi और भारतीय टीमें फाइनल में पहुंचीं

World Archery Para Series: Sheetal Devi और भारतीय टीमें फाइनल में पहुंचीं

अहमदाबाद, सात सितंबर भारत ने सोमवार को विश्व तीरंदाजी पैरा सीरीज (चरण तीन) के तीसरे दिन रिकर्व, कंपाउंड और डब्ल्यू एक वर्गों में कई स्पर्धाओं के फाइनल में जगह बनाकर मजबूत पदक अभियान सुनिश्चित किया। दृष्टिबाधित-एक वर्ग में तन्वी प्रवीण इंगले को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। फाइनल में उन्हें साइप्रस के क्रिस्टोस मिसोस ने 6-4 से हराया।युगल गर्ग ने हमवतन पवन कुमार को हराकर इस वर्ग में कांस्य पदक जीता। हरविंदर सिंह और विजय सुंडी की भारतीय जोड़ी ने चीन के शिया लेई और झू वेनजियान को 5-1 से हराकर पैरा रिकर्व पुरुष टीम स्पर्धा के फाइनल में प्रवेश किया और भारत का एक और पदक पक्का किया। स्वर्ण पदक के मुकाबले में भारतीय जोड़ी का सामना तीसरी वरीयता प्राप्त स्लोवाकिया से होगा।भारत ने पैरा रिकर्व महिला टीम स्पर्धा के फाइनल में भी जगह बनाई। भावना और पूजा ने ईरान की जोड़ी को 6-2 से हराया। फाइनल में उनका सामना चीन से होगा।रिकर्व मिश्रित टीम स्पर्धा में भी भारत ने पदक पक्का किया। हरविंदर और भावना ने इंडोनेशिया की जोड़ी को सीधे सेटों में 6-0 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया जहां वे स्वर्ण पदक के लिए चीन से भिड़ेंगे। कंपाउंड पुरुष टीम में श्याम सुंदर स्वामी और तोमन कुमार ने भी भारत के लिए एक और पदक सुनिश्चित किया।भारतीय जोड़ी ने चीन के बाओ यिरुई और फेंग यू को 154-153 से हराया। फाइनल में उनका सामना सातवीं वरीयता प्राप्त इराक से होगा। कंपाउंड महिला टीम में शीतल देवी और पायल नाग को कजाखस्तान के खिलाफ 151-152 से करीबी हार के बाद फाइनल में जगह नहीं मिल सकी।अब वे कांस्य पदक के लिए चीन से मुकाबला करेंगी। कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा में भी भारत को करीबी मुकाबले में चीन से हार मिली। दोनों टीमें 156-156 की बराबरी पर रहीं।शूटऑफ में भी स्कोर 20-20 रहा लेकिन केंद्र के ज्यादा करीब तीर लगाने के आधार पर चीन को विजेता घोषित किया गया। डब्ल्यू एक मिश्रित टीम (रिकर्व/कंपाउंड) स्पर्धा में स्वाति चौधरी और आदिल मोहम्मद नजीर अंसारी ने चीन के जिन हुआन और यांग शुपेंग को 6-2 से हराकर फाइनल में जगह बनाई और भारत के लिए एक और पदक पक्का किया। स्वर्ण पदक के लिए भारतीय जोड़ी का सामना चीन से होगा।डब्ल्यू एक पुरुष टीम स्पर्धा में तीन टीमों में भारत तीसरे स्थान पर रहा। चीन और चेक गणराज्य स्वर्ण पदक के लिए भिड़ेंगे। इससे पहले दिन में मौजूदा विश्व चैंपियन शीतल देवी ने महिला कंपाउंड व्यक्तिगत वर्ग के फाइनल में प्रवेश कर लिया।जम्मू की भुजाहीन तीरंदाज शीतल ने सरिता को 145-143 से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। अब उनका सामना कजाखस्तान की ऐजादा सेडान से होगा। सरिता कांस्य पदक के मुकाबले में चीन की वांग हुइतिंग से खेलेगी।कंपाउंड पुरूष वर्ग में मौजूदा विश्व चैम्पियन और दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी तोमान कुमार को शीर्ष वरीयता प्राप्त इंडोनेशिया के केन स्वागुमिलांग ने 146-144 से हराया। अब वह कांस्य पदक के लिये इराक के अब्बास खादिम से खेलेंगे। केन ने भारत के गुरविंदर सिंह को क्वार्टर फाइनल में 143-141 से मात दी।पुरूषों के डब्ल्यू एक वर्ग में भारत की चुनौती समाप्त हो गई जब पांचवीं वरीयता प्राप्त आदिल मोहम्मद नजीर अंसारी और नौवी वरीयता प्राप्त नुरूद्दीन अपने अपने मुकाबले हार गए। महिला वर्ग में दूसरी वरीयता प्राप्त स्वाति चौधरी कांस्य पदक के लिये खेलेंगी। वह चीन की छठी वरीयता प्राप्त लियू जिंग से 1-7 से हार गई थी।डब्ल्यू एक वर्ग के एथलीटों के शरीर के ऊपरी और निचले हिस्सों, धड़ और कम से कम तीन अंगों में अक्षमता होती है। कुछ को धनुष लोड करने में मदद के लिए एक सहायक की जरूरत होती है। 

अहमदाबाद, सात सितंबर भारत ने सोमवार को विश्व तीरंदाजी पैरा सीरीज (चरण तीन) के तीसरे दिन रिकर्व, कंपाउंड और डब्ल्यू एक वर्गों में कई स्पर्धाओं के फाइनल में जगह बनाकर मजबूत पदक अभियान सुनिश्चित किया। दृष्टिबाधित-एक वर्ग में तन्वी प्रवीण इंगले को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। फाइनल में उन्हें साइप्रस के क्रिस्टोस मिसोस ने 6-4 से हराया।

युगल गर्ग ने हमवतन पवन कुमार को हराकर इस वर्ग में कांस्य पदक जीता। हरविंदर सिंह और विजय सुंडी की भारतीय जोड़ी ने चीन के शिया लेई और झू वेनजियान को 5-1 से हराकर पैरा रिकर्व पुरुष टीम स्पर्धा के फाइनल में प्रवेश किया और भारत का एक और पदक पक्का किया। स्वर्ण पदक के मुकाबले में भारतीय जोड़ी का सामना तीसरी वरीयता प्राप्त स्लोवाकिया से होगा।

भारत ने पैरा रिकर्व महिला टीम स्पर्धा के फाइनल में भी जगह बनाई। भावना और पूजा ने ईरान की जोड़ी को 6-2 से हराया। फाइनल में उनका सामना चीन से होगा।

रिकर्व मिश्रित टीम स्पर्धा में भी भारत ने पदक पक्का किया। हरविंदर और भावना ने इंडोनेशिया की जोड़ी को सीधे सेटों में 6-0 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया जहां वे स्वर्ण पदक के लिए चीन से भिड़ेंगे। कंपाउंड पुरुष टीम में श्याम सुंदर स्वामी और तोमन कुमार ने भी भारत के लिए एक और पदक सुनिश्चित किया।

भारतीय जोड़ी ने चीन के बाओ यिरुई और फेंग यू को 154-153 से हराया। फाइनल में उनका सामना सातवीं वरीयता प्राप्त इराक से होगा। कंपाउंड महिला टीम में शीतल देवी और पायल नाग को कजाखस्तान के खिलाफ 151-152 से करीबी हार के बाद फाइनल में जगह नहीं मिल सकी।

अब वे कांस्य पदक के लिए चीन से मुकाबला करेंगी। कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा में भी भारत को करीबी मुकाबले में चीन से हार मिली। दोनों टीमें 156-156 की बराबरी पर रहीं।

शूटऑफ में भी स्कोर 20-20 रहा लेकिन केंद्र के ज्यादा करीब तीर लगाने के आधार पर चीन को विजेता घोषित किया गया। डब्ल्यू एक मिश्रित टीम (रिकर्व/कंपाउंड) स्पर्धा में स्वाति चौधरी और आदिल मोहम्मद नजीर अंसारी ने चीन के जिन हुआन और यांग शुपेंग को 6-2 से हराकर फाइनल में जगह बनाई और भारत के लिए एक और पदक पक्का किया। स्वर्ण पदक के लिए भारतीय जोड़ी का सामना चीन से होगा।

डब्ल्यू एक पुरुष टीम स्पर्धा में तीन टीमों में भारत तीसरे स्थान पर रहा। चीन और चेक गणराज्य स्वर्ण पदक के लिए भिड़ेंगे। इससे पहले दिन में मौजूदा विश्व चैंपियन शीतल देवी ने महिला कंपाउंड व्यक्तिगत वर्ग के फाइनल में प्रवेश कर लिया।

जम्मू की भुजाहीन तीरंदाज शीतल ने सरिता को 145-143 से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। अब उनका सामना कजाखस्तान की ऐजादा सेडान से होगा। सरिता कांस्य पदक के मुकाबले में चीन की वांग हुइतिंग से खेलेगी।

कंपाउंड पुरूष वर्ग में मौजूदा विश्व चैम्पियन और दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी तोमान कुमार को शीर्ष वरीयता प्राप्त इंडोनेशिया के केन स्वागुमिलांग ने 146-144 से हराया। अब वह कांस्य पदक के लिये इराक के अब्बास खादिम से खेलेंगे। केन ने भारत के गुरविंदर सिंह को क्वार्टर फाइनल में 143-141 से मात दी।

पुरूषों के डब्ल्यू एक वर्ग में भारत की चुनौती समाप्त हो गई जब पांचवीं वरीयता प्राप्त आदिल मोहम्मद नजीर अंसारी और नौवी वरीयता प्राप्त नुरूद्दीन अपने अपने मुकाबले हार गए। महिला वर्ग में दूसरी वरीयता प्राप्त स्वाति चौधरी कांस्य पदक के लिये खेलेंगी। वह चीन की छठी वरीयता प्राप्त लियू जिंग से 1-7 से हार गई थी।

डब्ल्यू एक वर्ग के एथलीटों के शरीर के ऊपरी और निचले हिस्सों, धड़ और कम से कम तीन अंगों में अक्षमता होती है। कुछ को धनुष लोड करने में मदद के लिए एक सहायक की जरूरत होती है।

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