औरंगाबाद में उत्तर कोयल मुख्य नहर के री-मॉडलिंग के बाद क्रॉस रेगुलेटर (सीआर) और हेड रेगुलेटर (एचआर) के संचालन में तकनीकी परेशानियां सामने आने लगी हैं। मुख्य नहर के 152.5 आरडी से निकलने वाली महुअरी उप वितरणी का हेड रेगुलेटर पिछले एक सप्ताह से खराब है। इसके कारण गेट को खोलने और बंद करने में भारी परेशानी हुई। हेड रेगुलेटर का संचालन सिस्टम चूड़ी से निकल जाने के कारण गेट को ऑन और डाउन करने में दिक्कत आ रही थी। इसका सीधा असर नहर से मिलने वाली सिंचाई सुविधा पर पड़ा। नहर के री-मॉडलिंग के दौरान पहले के मैनुअल हैंडिल सिस्टम में बदलाव कर गेट संचालन के लिए गियर सिस्टम लगाया गया है। गेट का वजन भी पहले की अपेक्षा बढ़ाया गया है। अब गेट को मैनुअल के साथ गियर सिस्टम के माध्यम से ऊपर और नीचे किया जाता है। किसानों का कहना है कि संचालन व्यवस्था में तकनीकी खराबी आने पर उसे ठीक कराने में समय लगने से सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होती है। नहर निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी पर उठे सवाल जल संसाधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, भारत सरकार की अधिकृत कार्य एजेंसी वाप्कोस की देखरेख में उत्तर कोयल नहर की लाइनिंग, सीडी स्ट्रक्चर, वेंट, एक्वाडक्ट, सुपर पैसेज सहित अन्य संरचनाओं का कार्य कराया गया है। आरोप है कि नहर के विभिन्न संरचनाओं के निर्माण और उनकी संचालन व्यवस्था की निगरानी में अपेक्षित गंभीरता नहीं बरती गई। अब तकनीकी खामियों का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। महुअरी उप वितरणी के हेड रेगुलेटर में खराबी के कारण कमांड क्षेत्र में सिंचाई प्रभावित हुई। किसान बताते हैं कि धान की फसल के समय खेतों में खरपतवार निकालने और यूरिया के छिड़काव के लिए पर्याप्त नमी और पानी की जरूरत है। नहर से समय पर पानी नहीं मिलने के कारण कृषि कार्य प्रभावित हो रहे थे। सूही गांव के किसान अजीत पांडेय, सुदर्शन पांडेय, विनय सिंह और मांडल सिंह सहित मुखिया मंजीत कुमार यादव ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों का ध्यान समस्या की ओर आकृष्ट कराया। किसानों ने जल्द से जल्द व्यवस्था दुरुस्त कर नहर में पर्याप्त पानी छोड़ने की मांग की। तकनीकी कर्मियों ने ठीक किया सिस्टम, शुरू हुआ संचालन अंबा डिवीजन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर विवेक कुमार ने बताया कि हेड रेगुलेटर को ऑपरेट करने वाला सिस्टम चूड़ी से निकल गया था। इस वजह से गेट को ऑन और डाउन करने में परेशानी हो रही थी। सोमवार को तकनीकी कर्मियों को भेजकर सिस्टम को ठीक करा दिया गया है। इसके बाद महुअरी उप वितरणी का संचालन शुरू कर दिया गया है। अधिकारी के अनुसार तकनीकी खराबी दूर होने के बाद अब नहर संचालन सामान्य कर दिया गया है। हालांकि किसानों की मांग है कि भविष्य में ऐसी तकनीकी समस्या उत्पन्न होने पर तत्काल मरम्मत की व्यवस्था की जाए, ताकि सिंचाई के महत्वपूर्ण समय में उन्हें पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़े। औरंगाबाद में उत्तर कोयल मुख्य नहर के री-मॉडलिंग के बाद क्रॉस रेगुलेटर (सीआर) और हेड रेगुलेटर (एचआर) के संचालन में तकनीकी परेशानियां सामने आने लगी हैं। मुख्य नहर के 152.5 आरडी से निकलने वाली महुअरी उप वितरणी का हेड रेगुलेटर पिछले एक सप्ताह से खराब है। इसके कारण गेट को खोलने और बंद करने में भारी परेशानी हुई। हेड रेगुलेटर का संचालन सिस्टम चूड़ी से निकल जाने के कारण गेट को ऑन और डाउन करने में दिक्कत आ रही थी। इसका सीधा असर नहर से मिलने वाली सिंचाई सुविधा पर पड़ा। नहर के री-मॉडलिंग के दौरान पहले के मैनुअल हैंडिल सिस्टम में बदलाव कर गेट संचालन के लिए गियर सिस्टम लगाया गया है। गेट का वजन भी पहले की अपेक्षा बढ़ाया गया है। अब गेट को मैनुअल के साथ गियर सिस्टम के माध्यम से ऊपर और नीचे किया जाता है। किसानों का कहना है कि संचालन व्यवस्था में तकनीकी खराबी आने पर उसे ठीक कराने में समय लगने से सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होती है। नहर निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी पर उठे सवाल जल संसाधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, भारत सरकार की अधिकृत कार्य एजेंसी वाप्कोस की देखरेख में उत्तर कोयल नहर की लाइनिंग, सीडी स्ट्रक्चर, वेंट, एक्वाडक्ट, सुपर पैसेज सहित अन्य संरचनाओं का कार्य कराया गया है। आरोप है कि नहर के विभिन्न संरचनाओं के निर्माण और उनकी संचालन व्यवस्था की निगरानी में अपेक्षित गंभीरता नहीं बरती गई। अब तकनीकी खामियों का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। महुअरी उप वितरणी के हेड रेगुलेटर में खराबी के कारण कमांड क्षेत्र में सिंचाई प्रभावित हुई। किसान बताते हैं कि धान की फसल के समय खेतों में खरपतवार निकालने और यूरिया के छिड़काव के लिए पर्याप्त नमी और पानी की जरूरत है। नहर से समय पर पानी नहीं मिलने के कारण कृषि कार्य प्रभावित हो रहे थे। सूही गांव के किसान अजीत पांडेय, सुदर्शन पांडेय, विनय सिंह और मांडल सिंह सहित मुखिया मंजीत कुमार यादव ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों का ध्यान समस्या की ओर आकृष्ट कराया। किसानों ने जल्द से जल्द व्यवस्था दुरुस्त कर नहर में पर्याप्त पानी छोड़ने की मांग की। तकनीकी कर्मियों ने ठीक किया सिस्टम, शुरू हुआ संचालन अंबा डिवीजन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर विवेक कुमार ने बताया कि हेड रेगुलेटर को ऑपरेट करने वाला सिस्टम चूड़ी से निकल गया था। इस वजह से गेट को ऑन और डाउन करने में परेशानी हो रही थी। सोमवार को तकनीकी कर्मियों को भेजकर सिस्टम को ठीक करा दिया गया है। इसके बाद महुअरी उप वितरणी का संचालन शुरू कर दिया गया है। अधिकारी के अनुसार तकनीकी खराबी दूर होने के बाद अब नहर संचालन सामान्य कर दिया गया है। हालांकि किसानों की मांग है कि भविष्य में ऐसी तकनीकी समस्या उत्पन्न होने पर तत्काल मरम्मत की व्यवस्था की जाए, ताकि सिंचाई के महत्वपूर्ण समय में उन्हें पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़े।

