रेल बाजार के नूनिया मोहाल की संकरी गली, तीन मंजिला मकान और तीसरी मंजिल का छोटा सा कमरा… यहां 60 साल की सुशीला की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। जिस बेटे को वह दुनिया के सामने सीधा-सादा बताती रही, वही अब दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की नृशंस हत्या के आरोप में पुलिस की गिरफ्त में है। बेटे की गिरफ्तारी के बाद मां के सामने घर चलाने से लेकर जिंदगी काटने तक का संकट खड़ा हो गया है। वह बार-बार कह रही हैं- ‘अब मेरे कंधे पर हाथ रखने वाला कोई नहीं बचा। वहीं, दूसरे आरोपी राजकिशोर के घर पर कोई भी नहीं मिला। मां बोली मेरा बेटा बहुत सीधा दैनिक भास्कर ऐप से बातचीत में सुशीला ने बताया कि विशाल पहले दवा कारोबारी के यहां काम करता था। उन्होंने कहा मेरा बेटा बहुत सीधा है। यह घटना कैसे हो गई, मुझे समझ नहीं आ रहा। हमारे जीवन की गुजर-बसर बच्चों से ही चलती है। सुशीला ने बताया कि घटना के बाद छोटा बेटा आकाश भी पुलिस के साथ गया है। जिस समय पुलिस पहुंची, आकाश सो रहा था। उनका कहना है कि विशाल ने कभी घर में ऐसी कोई बात नहीं बताई। गिरफ्तारी के बाद घर में खाना नहीं बना मां ने घर के हालात बताते हुए कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। बेटे की गिरफ्तारी के बाद घर में खाना तक नहीं बना है। वह रोते हुए कहती हैं कि बच्चों के सहारे ही घर चल रहा था और अब दोनों बेटों के पुलिस के साथ चले जाने से वह खुद को बिल्कुल अकेला महसूस कर रही हैं। इनका बीते कई सालों से अपने पति तुलसी से कोई मतलब नहीं है। हरबंश मोहाल से नूनिया मोहाल आया परिवार इलाके के लोगों ने बताया कि विशाल पहले हरबंश मोहाल में रहता था। कुछ दिन पहले वहां का मकान गिर गया था, जिसके बाद परिवार नूनिया मोहाल में आकर रहने लगा। यहां जिस मकान में परिवार रह रहा है, वह संकरी गली में स्थित तीन मंजिला इमारत है। तीसरी मंजिल पर एक छोटे कमरे में विशाल की मां और भाई रहते थे। कमरे पर लड़कों का आना-जाना, रमी खेलने की भी चर्चा विशाल की गिरफ्तारी के बाद मोहल्ले में उसके बारे में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उसके कमरे पर अक्सर लड़कों का आना-जाना रहता था। कुछ लोगों ने उसके मोबाइल पर रमी गेम खेलने की भी बात कही। इलाकाई लोगों के मुताबिक विशाल को जल्दी पैसा कमाने की धुन सवार थी और वह इसके लिए नए-नए तरीके आजमाता रहता था।

