पटना यूनिवर्सिटी के छात्र आज से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। एलएलबी प्रवेश परीक्षा में पेपर लीक, पीजी में हुई व्यापक फीस वृद्धि, अब तक MFA की पढ़ाई शुरू नहीं होने सहित छात्रों की अन्य मांगों को लेकर AISF के छात्र आज से 10 सूत्री मांगों को लेकर भूख हड़ताल किया। PU के सीनेट हॉल के बाहर सभी छात्र बैठे और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाएं। इससे पहले भी AISF ने विरोध मार्च निकाला था। विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही पटना विश्वविद्यालय के छात्र नेता बिट्टू भारद्वाज ने कहा कि पिछले दिनों पटना विश्वविद्यालय की एलएलबी प्रवेश परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र परीक्षा केंद्र से परीक्षा शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों में प्रसारित होने लगा था। इसकी सूचना तत्काल कुलपति, डीन और परीक्षा नियंत्रक को दी गई। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रश्नपत्र बाहर आने की बात स्वीकार की, लेकिन परीक्षा रद्द कर निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से फिर परीक्षा आयोजित कराने से इनकार कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें नजरअंदाज कर रहा है। PU के तानाशाह भ्रष्ट कुलपति को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए एआईएसएफ पटना जिला सचिव मीर सैफ अली ने कहा कि संगठन की दस सूत्री मांगों को लेकर आज से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की जा रही है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर शीघ्र समाधान करने की अपील की। साथ ही कहा कि यदि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा और हमारी मांग है कि पटना विश्वविद्यालय के तानाशाह भ्रष्ट कुलपति को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए। AISF की प्रमुख मांगें एलएलबी प्रवेश परीक्षा में हुई प्रश्नपत्र लीक की घटना की निष्पक्ष जांच कर परीक्षा रद्द की जाए और फिर से परीक्षा आयोजित की जाए। पीजी में हुई व्यापक फीस वृद्धि को अभिलंब वापस लिया जाए। पटना विश्वविद्यालय में MFA की पढ़ाई अविलंब शुरू की जाए। पटना विश्वविद्यालय सेंट्रल लाइब्रेरी को 24×7 शुरू किया जाए। विश्वविद्यालय परिसर में लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। छात्रों की अन्य शैक्षणिक और लोकतांत्रिक मांगों का शीघ्र समाधान किया जाए। पटना यूनिवर्सिटी के छात्र आज से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। एलएलबी प्रवेश परीक्षा में पेपर लीक, पीजी में हुई व्यापक फीस वृद्धि, अब तक MFA की पढ़ाई शुरू नहीं होने सहित छात्रों की अन्य मांगों को लेकर AISF के छात्र आज से 10 सूत्री मांगों को लेकर भूख हड़ताल किया। PU के सीनेट हॉल के बाहर सभी छात्र बैठे और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाएं। इससे पहले भी AISF ने विरोध मार्च निकाला था। विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही पटना विश्वविद्यालय के छात्र नेता बिट्टू भारद्वाज ने कहा कि पिछले दिनों पटना विश्वविद्यालय की एलएलबी प्रवेश परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र परीक्षा केंद्र से परीक्षा शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों में प्रसारित होने लगा था। इसकी सूचना तत्काल कुलपति, डीन और परीक्षा नियंत्रक को दी गई। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रश्नपत्र बाहर आने की बात स्वीकार की, लेकिन परीक्षा रद्द कर निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से फिर परीक्षा आयोजित कराने से इनकार कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें नजरअंदाज कर रहा है। PU के तानाशाह भ्रष्ट कुलपति को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए एआईएसएफ पटना जिला सचिव मीर सैफ अली ने कहा कि संगठन की दस सूत्री मांगों को लेकर आज से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की जा रही है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर शीघ्र समाधान करने की अपील की। साथ ही कहा कि यदि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा और हमारी मांग है कि पटना विश्वविद्यालय के तानाशाह भ्रष्ट कुलपति को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए। AISF की प्रमुख मांगें एलएलबी प्रवेश परीक्षा में हुई प्रश्नपत्र लीक की घटना की निष्पक्ष जांच कर परीक्षा रद्द की जाए और फिर से परीक्षा आयोजित की जाए। पीजी में हुई व्यापक फीस वृद्धि को अभिलंब वापस लिया जाए। पटना विश्वविद्यालय में MFA की पढ़ाई अविलंब शुरू की जाए। पटना विश्वविद्यालय सेंट्रल लाइब्रेरी को 24×7 शुरू किया जाए। विश्वविद्यालय परिसर में लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। छात्रों की अन्य शैक्षणिक और लोकतांत्रिक मांगों का शीघ्र समाधान किया जाए।

