रामगढ़ प्रखंड की सिसोडा पंचायत के बहपुरा गांव में बीती रात भीषण आग लगने से कई परिवारों पर आफत टूट पड़ी। अगलगी में ललन बिंद, कमली देवी और सोहन बिंद समेत कई ग्रामीणों के कच्चे मकान जलकर राख हो गए। आग इतनी तेज थी कि देखते ही देखते घरों में रखा सारा सामान जल गया। अगलगी में कई बकरियां और मुर्गियां जलकर मर गईं, जबकि कई मवेशी और भैंसें गंभीर रूप से झुलस गईं। घटना के बाद पीड़ित परिवारों के सामने रहने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने का संकट खड़ा हो गया है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… घटना की जानकारी मिलने पर समाजसेवी चंदन बिंद मौके पर पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ितों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। साथ ही, प्रशासनिक अधिकारियों से फोन पर बात कर पीड़ित परिवारों को जल्द राहत सामग्री और मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की। कच्चे मकानों के कारण बढ़ रहा आग का खतरा ग्रामीणों का कहना है कि बहपुरा गांव में बड़ी संख्या में परिवार कच्चे मकानों में रहते हैं। ऐसे में आग लगने पर उसे नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है और देखते ही देखते कई घर इसकी चपेट में आ जाते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम कराने की भी मांग की है। नेताओं पर उपेक्षा का लगाया आरोप समाजसेवी चंदन बिंद ने कहा कि चुनाव के दौरान गरीबों के लिए बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन संकट की घड़ी में जरूरतमंद परिवारों की सुध लेने कोई नहीं पहुंचता। उन्होंने प्रशासन से अग्निपीड़ित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। पक्के मकान और मवेशियों के इलाज की मांग पीड़ित परिवारों ने सरकार और प्रशासन से तत्काल आर्थिक सहायता देने की मांग की है। साथ ही झुलसे मवेशियों का इलाज कराने और जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देकर पक्के मकान उपलब्ध कराने की मांग की गई है। रामगढ़ प्रखंड की सिसोडा पंचायत के बहपुरा गांव में बीती रात भीषण आग लगने से कई परिवारों पर आफत टूट पड़ी। अगलगी में ललन बिंद, कमली देवी और सोहन बिंद समेत कई ग्रामीणों के कच्चे मकान जलकर राख हो गए। आग इतनी तेज थी कि देखते ही देखते घरों में रखा सारा सामान जल गया। अगलगी में कई बकरियां और मुर्गियां जलकर मर गईं, जबकि कई मवेशी और भैंसें गंभीर रूप से झुलस गईं। घटना के बाद पीड़ित परिवारों के सामने रहने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने का संकट खड़ा हो गया है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… घटना की जानकारी मिलने पर समाजसेवी चंदन बिंद मौके पर पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ितों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। साथ ही, प्रशासनिक अधिकारियों से फोन पर बात कर पीड़ित परिवारों को जल्द राहत सामग्री और मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की। कच्चे मकानों के कारण बढ़ रहा आग का खतरा ग्रामीणों का कहना है कि बहपुरा गांव में बड़ी संख्या में परिवार कच्चे मकानों में रहते हैं। ऐसे में आग लगने पर उसे नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है और देखते ही देखते कई घर इसकी चपेट में आ जाते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम कराने की भी मांग की है। नेताओं पर उपेक्षा का लगाया आरोप समाजसेवी चंदन बिंद ने कहा कि चुनाव के दौरान गरीबों के लिए बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन संकट की घड़ी में जरूरतमंद परिवारों की सुध लेने कोई नहीं पहुंचता। उन्होंने प्रशासन से अग्निपीड़ित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। पक्के मकान और मवेशियों के इलाज की मांग पीड़ित परिवारों ने सरकार और प्रशासन से तत्काल आर्थिक सहायता देने की मांग की है। साथ ही झुलसे मवेशियों का इलाज कराने और जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देकर पक्के मकान उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

