राज्य में कर अपवंचना और अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के मामलों पर वाणिज्यिक कर विभाग ने शिकंजा कस दिया है। विभाग की प्रवर्तन टीमों ने जयपुर, अलवर, सवाई माधोपुर और डीडवाना-कुचामन में विभिन्न कारोबारियों के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर संदिग्ध लेन-देन, अपात्र ITC, बिना वास्तविक आपूर्ति के बिलिंग और रिटर्न में विसंगतियों से जुड़े मामलों की जांच की। हालिया कार्रवाई में करीब 1.93 करोड़ रुपये की संभावित कर देयता सामने आई है। संबंधित मामलों में करदाताओं की ओर से 1.74 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वैच्छिक रूप से जमा अथवा रिवर्स की गई है। कई मामलों में दस्तावेज और रिकॉर्ड जब्त कर विस्तृत जांच शुरू की गई है। पद्मावती ट्रैवल्स एंड कार्गो से 1.39 करोड़ की ITC रिवर्सल जयपुर स्थित M/s Padmawati Travels and Cargo के प्रतिष्ठान का 1 सितम्बर को निरीक्षण किया गया। जांच में 1,38,88,072 रुपये की IGST ITC का नियमानुसार रिवर्सल नहीं किया जाना सामने आया। विभाग द्वारा प्रावधानों से अवगत कराने के बाद करदाता ने पूरी राशि 1,38,88,072 रुपये स्वैच्छिक रूप से जमा कर दी। संबंधित अवधि के रिटर्न और अभिलेखों की आगे जांच जारी है। अलवर में तेल कारोबारी के यहां जांच अलवर स्थित Alwar Solvex के यहां 2 सितम्बर को निरीक्षण किया गया। जांच में करीब 30 लाख रुपये की संभावित कर देयता सामने आई। मामला 15 अगस्त 2026 को प्रतिष्ठान में हुई आग की घटना के दौरान स्टॉक और उससे संबंधित ITC के नुकसान से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि प्रतिष्ठान पर M/s AWL Agri Business Limited के लिए सरसों तेल की पैकिंग का जॉबवर्क किया जाता है और आग के समय परिसर में मौजूद स्टॉक उक्त फर्म का था। मौके पर स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में पंचनामा तैयार किया गया। आवश्यक दस्तावेज और लेखा पुस्तकों की जांच के लिए करदाता को 11 सितम्बर को उपस्थित होने के लिए समन जारी किया गया है। खेरलीवाला प्रोडक्ट्स ने जमा किए 10 लाख अलवर स्थित Kherliwala Products Pvt. Ltd. के यहां 1 सितम्बर को निरीक्षण किया गया। जांच में ब्लॉक ITC का दावा किए जाने की संभावना सामने आई और करीब 12 लाख रुपये की संभावित राशि निर्धारित की गई। करदाता ने जांच के दौरान 10 लाख रुपये स्वैच्छिक रूप से जमा किए। स्टॉक का भौतिक सत्यापन भी किया गया। गायत्री स्टोन क्रशर में सर्कुलर ट्रेडिंग की आशंका सुजानगढ़ क्षेत्र स्थित Gayatri Stone Crusher के यहां 1 सितम्बर को निरीक्षण किया गया। विभागीय डेटा विश्लेषण में सर्कुलर ट्रेडिंग, बिना वास्तविक माल या सेवा की आपूर्ति के इनवॉइस जारी करने, RCM में अंतर और टर्नओवर छिपाने जैसी विसंगतियों की आशंका सामने आई। प्रकरण में करीब 10.15 लाख रुपये की संभावित राशि का आकलन किया गया है। जांच के दौरान दैनिक बिक्री से संबंधित दस्तावेज जब्त किए गए हैं। शिव ऑयल इंडस्ट्रीज में 28.98 लाख की ITC जांच सवाई माधोपुर के खंडार स्थित M/s Shiv Oil Industries के यहां 2 सितम्बर को निरीक्षण किया गया। प्रारंभिक जांच में वर्ष 2022-23 में 16,61,504 रुपये और वर्ष 2023-24 में 12,37,080 रुपये, यानी कुल 28,98,584 रुपये की ITC के उपयोग का मामला सामने आया। राधे कृष्णा टिम्बर्स में दस्तावेज जब्त, 10 लाख जमा विभाग ITC की पात्रता की जांच कर रहा है। मौके पर पंचनामा और बयान स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में तैयार किए गए। मामले में 15 लाख रुपये की स्वैच्छिक जमा राशि भी प्राप्त हुई है। डीडवाना-कुचामन जिले के मकराना स्थित M/s Radhe Krishna Timbers के यहां 2 सितम्बर को निरीक्षण किया गया। विभाग को बिना उचित बिलिंग के खरीद-बिक्री तथा ITC के माध्यम से कर देयता कम किए जाने की आशंका मिली। प्रकरण में करीब 12 लाख रुपये की संभावित राशि का आकलन किया गया है। करदाता ने कैश लेजर के माध्यम से 10 लाख रुपये स्वैच्छिक रूप से जमा किए। खरीद-बिक्री के बिल, लेखा पुस्तकें और अन्य अभिलेखों की विस्तृत जांच की जा रही है। कर अपवंचना पर विभाग की निगरानी जारी वाणिज्यिक कर विभाग का कहना है कि ईमानदारी से कर चुकाने वाले करदाताओं को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ फर्जी बिलिंग, सर्कुलर ट्रेडिंग, कर अपवंचना और अपात्र ITC के जरिए राजस्व को होने वाले नुकसान पर प्रभावी रोक लगाना विभाग की प्राथमिकता है। इन सभी प्रकरणों में दस्तावेजों, लेखा पुस्तकों, रिटर्न और डिजिटल डेटा के आधार पर आगे जांच की जाएगी। जांच में तथ्य सामने आने पर संबंधित मामलों में नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।

