सीतामढ़ी में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 100 साल से अधिक पुराने हिंदू मंदिर को लेकर सामने आए विवाद के विरोध में विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। जिला मुख्यालय स्थित शंकर चौक पर कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का पुतला फूंका और पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। देखें, मौके से आई तस्वीरें… मंदिर तोड़े जाने को लेकर विवाद मामला पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नारोवाल जिले के सिराज गांव का है। यहां एक सदी से अधिक पुराने हिंदू मंदिर को गिराए जाने को लेकर विवाद सामने आया है। अल्पसंख्यक अधिकार संगठनों ने मंदिर को जानबूझकर तोड़े जाने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि मंदिर के आसपास की जमीन पर कब्जे और पास के मदरसे के विस्तार की कोशिश के तहत यह कार्रवाई की गई। बारिश से इमारत गिरने का अधिकारियों का दावा वहीं, पाकिस्तान के अधिकारियों का कहना है कि भारी बारिश के कारण मंदिर की पुरानी और जर्जर इमारत गिर गई। मामले को लेकर भारत ने भी चिंता जताते हुए पाकिस्तान से निष्पक्ष जांच की मांग की है। धार्मिक स्थलों की सुरक्षा की मांग सीतामढ़ी में प्रदर्शन कर रहे VHP और बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने कहा कि पाकिस्तान में हिंदू समेत सभी अल्पसंख्यक समुदायों के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने धार्मिक स्थलों के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ को अस्वीकार्य बताया। केंद्र से कूटनीतिक स्तर पर कार्रवाई की मांग शंकर चौक पर पुतला दहन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार से मामले को कूटनीतिक स्तर पर मजबूती से उठाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के धार्मिक अधिकारों और उनके धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए भारत सरकार को जरूरी कदम उठाने चाहिए। सीतामढ़ी में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 100 साल से अधिक पुराने हिंदू मंदिर को लेकर सामने आए विवाद के विरोध में विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। जिला मुख्यालय स्थित शंकर चौक पर कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का पुतला फूंका और पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। देखें, मौके से आई तस्वीरें… मंदिर तोड़े जाने को लेकर विवाद मामला पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नारोवाल जिले के सिराज गांव का है। यहां एक सदी से अधिक पुराने हिंदू मंदिर को गिराए जाने को लेकर विवाद सामने आया है। अल्पसंख्यक अधिकार संगठनों ने मंदिर को जानबूझकर तोड़े जाने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि मंदिर के आसपास की जमीन पर कब्जे और पास के मदरसे के विस्तार की कोशिश के तहत यह कार्रवाई की गई। बारिश से इमारत गिरने का अधिकारियों का दावा वहीं, पाकिस्तान के अधिकारियों का कहना है कि भारी बारिश के कारण मंदिर की पुरानी और जर्जर इमारत गिर गई। मामले को लेकर भारत ने भी चिंता जताते हुए पाकिस्तान से निष्पक्ष जांच की मांग की है। धार्मिक स्थलों की सुरक्षा की मांग सीतामढ़ी में प्रदर्शन कर रहे VHP और बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने कहा कि पाकिस्तान में हिंदू समेत सभी अल्पसंख्यक समुदायों के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने धार्मिक स्थलों के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ को अस्वीकार्य बताया। केंद्र से कूटनीतिक स्तर पर कार्रवाई की मांग शंकर चौक पर पुतला दहन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार से मामले को कूटनीतिक स्तर पर मजबूती से उठाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के धार्मिक अधिकारों और उनके धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए भारत सरकार को जरूरी कदम उठाने चाहिए।

