पीलीभीत में रविवार शाम करीब 5 बजे अचानक मौसम बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। कुछ ही देर में बारिश ने मूसलाधार रूप ले लिया। इससे लोगों को कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली, लेकिन शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक कई जगह जलभराव की स्थिति बन गई। 4-5 डिग्री तक गिरा तापमान बारिश के बाद जिले के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। बारिश से पहले दिन का अधिकतम तापमान करीब 34 से 35 डिग्री सेल्सियस था। शाम की तेज बारिश के बाद तापमान 4 से 5 डिग्री गिरकर 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया। तापमान कम होने से मौसम में ठंडक घुल गई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। अशोक कॉलोनी समेत कई इलाकों में जलभराव लगातार बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों के साथ कई ग्रामीण क्षेत्रों में पानी भर गया। शहर की अशोक कॉलोनी समेत अन्य इलाकों में भी सड़कों पर पानी जमा हो गया। इससे पैदल राहगीरों के साथ वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगह पानी की निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के बाद जलभराव की समस्या बनी रहती है। रविवार को भी पानी जमा होने से लोगों में नाराजगी दिखाई दी। बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन अलर्ट जिले में लगातार बारिश और जलभराव को देखते हुए बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है। इसे देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव की तैयारियों को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। बाढ़ की तैयारियों की समीक्षा के लिए राज्य मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री बलदेव सिंह भी रविवार को पीलीभीत पहुंचे। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में बारिश और संभावित बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। सभी विभागों को मिलकर काम करने के निर्देश बैठक में प्रभारी मंत्री ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने नालों की सफाई सुनिश्चित कराने और जलभराव वाले क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने को कहा। साथ ही किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू करने के लिए संबंधित टीमों को तैयार रखने के निर्देश दिए।

