बेतिया में रसोईया यूनियन का जिला सम्मेलन:हक-सम्मान के लिए संघर्ष तेज करने का ऐलान; राजभवन मार्च में रसोईयों से शामिल होने की अपील

बेतिया में रसोईया यूनियन का जिला सम्मेलन:हक-सम्मान के लिए संघर्ष तेज करने का ऐलान; राजभवन मार्च में रसोईयों से शामिल होने की अपील

पश्चिम चंपारण के बेतिया में बिहार राज्य विद्यालय रसोईया यूनियन एटक का चौथा जिला सम्मेलन बलिराम भवन सभागार में आयोजित हुआ। सम्मेलन शंभुनाथ मिश्र, रामाश्रय हजरा और गोदावरी देवी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। सम्मेलन में रसोईयों ने अपने हक और सम्मान के लिए संघर्ष तेज करने का ऐलान किया। साथ ही, 28 सितंबर को पटना में प्रस्तावित राजभवन मार्च में पश्चिम चंपारण से हजारों रसोईयों की भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया। दिवंगत कर्मियों और नेपाल आपदा में जान गंवाने वालों को दी श्रद्धांजलि सम्मेलन की शुरुआत दिवंगत सेविका, सहायिका, आशा, रसोईया, एंबुलेंस कर्मियों, मजदूरों, किसानों और नेपाल आपदा में जान गंवाने वाले लोगों की याद में दो मिनट का मौन रखकर की गई। इस दौरान सभी ने दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि दी। किसान नेता बबलू दूबे ने किया सम्मेलन का उद्घाटन जिला किसान नेता बबलू दूबे ने सम्मेलन का उद्घाटन किया। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर मजदूर विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। उन्होंने मध्याह्न भोजन योजना को एनजीओ को सौंपने का भी विरोध किया। बबलू दूबे ने आरोप लगाया कि इसके जरिए बड़ी कंपनियों को इस क्षेत्र में लाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने रसोईयों से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष तेज करने की अपील की। रसोईया कर्मियों के संघर्ष को मिला समर्थन जिला किसान सभा के सचिव राधामोहन यादव ने भी सम्मेलन को संबोधित किया और रसोईया कर्मियों के संघर्ष को समर्थन देने की बात कही। आशा नेत्री रंजना चौहान ने आशा संघ की ओर से सम्मेलन को शुभकामनाएं दीं। वहीं, 102 एंबुलेंस कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष सुनील राम और जिला सचिव आदर्श मणि तिवारी ने रसोईयों को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया। ‘बड़े कॉरपोरेट के कर्ज माफ, रसोईयों के मानदेय के लिए पैसा नहीं’ बिहार राज्य विद्यालय रसोईया यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सह एटक बिहार के डिप्टी जनरल सेक्रेटरी ओम प्रकाश क्रांति ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बड़े कॉरपोरेट घरानों के कर्ज माफ किए जा रहे हैं, लेकिन रसोईयों को उचित मानदेय देने के लिए सरकार के पास पर्याप्त राशि नहीं है। उन्होंने दावा किया कि यूनियन के संघर्ष के कारण बिहार सरकार से रसोईयों के लिए 2,300 रुपये प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि संगठन आगे भी रसोईयों के हित में संघर्ष जारी रखेगा। 28 सितंबर को पटना में राजभवन मार्च ओम प्रकाश क्रांति ने 28 सितंबर को पटना में मजदूर और किसान संगठनों की ओर से प्रस्तावित राजभवन मार्च में पश्चिम चंपारण से हजारों रसोईयों की भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। तीन साल के संगठनात्मक कार्यों का पेश किया लेखा-जोखा सम्मेलन में जिला नेता लालबाबू राम ने पिछले तीन वर्षों के संगठनात्मक कार्यों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। इस रिपोर्ट पर बैरिया, नौतन, चनपटिया, मझौलिया, नरकटियागंज, सिकटा, लौरिया, योगापट्टी, गौनाहा, बेतिया और रामनगर समेत विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे रसोईया कर्मियों ने खुलकर चर्चा की। इस दौरान संगठन को और मजबूत बनाने और रसोईयों की समस्याओं को प्रभावी तरीके से उठाने को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए। पश्चिम चंपारण के बेतिया में बिहार राज्य विद्यालय रसोईया यूनियन एटक का चौथा जिला सम्मेलन बलिराम भवन सभागार में आयोजित हुआ। सम्मेलन शंभुनाथ मिश्र, रामाश्रय हजरा और गोदावरी देवी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। सम्मेलन में रसोईयों ने अपने हक और सम्मान के लिए संघर्ष तेज करने का ऐलान किया। साथ ही, 28 सितंबर को पटना में प्रस्तावित राजभवन मार्च में पश्चिम चंपारण से हजारों रसोईयों की भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया। दिवंगत कर्मियों और नेपाल आपदा में जान गंवाने वालों को दी श्रद्धांजलि सम्मेलन की शुरुआत दिवंगत सेविका, सहायिका, आशा, रसोईया, एंबुलेंस कर्मियों, मजदूरों, किसानों और नेपाल आपदा में जान गंवाने वाले लोगों की याद में दो मिनट का मौन रखकर की गई। इस दौरान सभी ने दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि दी। किसान नेता बबलू दूबे ने किया सम्मेलन का उद्घाटन जिला किसान नेता बबलू दूबे ने सम्मेलन का उद्घाटन किया। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर मजदूर विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। उन्होंने मध्याह्न भोजन योजना को एनजीओ को सौंपने का भी विरोध किया। बबलू दूबे ने आरोप लगाया कि इसके जरिए बड़ी कंपनियों को इस क्षेत्र में लाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने रसोईयों से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष तेज करने की अपील की। रसोईया कर्मियों के संघर्ष को मिला समर्थन जिला किसान सभा के सचिव राधामोहन यादव ने भी सम्मेलन को संबोधित किया और रसोईया कर्मियों के संघर्ष को समर्थन देने की बात कही। आशा नेत्री रंजना चौहान ने आशा संघ की ओर से सम्मेलन को शुभकामनाएं दीं। वहीं, 102 एंबुलेंस कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष सुनील राम और जिला सचिव आदर्श मणि तिवारी ने रसोईयों को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया। ‘बड़े कॉरपोरेट के कर्ज माफ, रसोईयों के मानदेय के लिए पैसा नहीं’ बिहार राज्य विद्यालय रसोईया यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सह एटक बिहार के डिप्टी जनरल सेक्रेटरी ओम प्रकाश क्रांति ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बड़े कॉरपोरेट घरानों के कर्ज माफ किए जा रहे हैं, लेकिन रसोईयों को उचित मानदेय देने के लिए सरकार के पास पर्याप्त राशि नहीं है। उन्होंने दावा किया कि यूनियन के संघर्ष के कारण बिहार सरकार से रसोईयों के लिए 2,300 रुपये प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि संगठन आगे भी रसोईयों के हित में संघर्ष जारी रखेगा। 28 सितंबर को पटना में राजभवन मार्च ओम प्रकाश क्रांति ने 28 सितंबर को पटना में मजदूर और किसान संगठनों की ओर से प्रस्तावित राजभवन मार्च में पश्चिम चंपारण से हजारों रसोईयों की भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। तीन साल के संगठनात्मक कार्यों का पेश किया लेखा-जोखा सम्मेलन में जिला नेता लालबाबू राम ने पिछले तीन वर्षों के संगठनात्मक कार्यों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। इस रिपोर्ट पर बैरिया, नौतन, चनपटिया, मझौलिया, नरकटियागंज, सिकटा, लौरिया, योगापट्टी, गौनाहा, बेतिया और रामनगर समेत विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे रसोईया कर्मियों ने खुलकर चर्चा की। इस दौरान संगठन को और मजबूत बनाने और रसोईयों की समस्याओं को प्रभावी तरीके से उठाने को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए।  

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