गंगा नदी ने हाथीदह में तोड़े सारे रिकॉर्ड, HFL पार:हाथीदह में 24 घंटे में जलस्तर 15 सेंटीमीटर बढ़ा, जलस्तर 43.52 मीटर तक पहुंचा; निचले इलाकों में पानी भरने से सड़कें और गांव डूबे

गंगा नदी ने हाथीदह में तोड़े सारे रिकॉर्ड, HFL पार:हाथीदह में 24 घंटे में जलस्तर 15 सेंटीमीटर बढ़ा, जलस्तर 43.52 मीटर तक पहुंचा; निचले इलाकों में पानी भरने से सड़कें और गांव डूबे

हाथीदह में गंगा नदी अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़कर अपने रिकॉर्ड जलस्तर पर बह रही है। जल संसाधन विभाग ने देर रात चेतावनी जारी की थी कि हाथीदह में नदी खतरे का निशान (HFL) पार कर सकती है और गांधीघाट में भी 6 इंच की बढ़ोतरी की संभावना है। पिछले 24 घंटे में हाथीदह में गंगा का जलस्तर 15 सेंटीमीटर बढ़ गया है। इसने अपने HFL मार्क 43.52 मीटर को पार कर लिया है। इससे हाथीदह के महेंद्रपुर में निचले इलाकों में पानी फैल गया है और NH 80 पर बने RUB में करीब 12 इंच तक पानी भर गया है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से औंटा, दरियापुर, हाथीदह आदि के आवासीय इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। बिजली के पोल और ट्रांसफार्मर डूब गए हैं, जिसके कारण बिजली विभाग को सावधानी के तौर पर लाइट काटनी पड़ी है। गंगा के बढ़े हुए जलस्तर से हाथीदह और मोकामा की मुख्य सड़क के साथ-साथ ग्रामीण सड़कें भी डूबने लगी हैं। मोकामा की अंचल अधिकारी लवली कुमारी लगातार लोगों से नदी से दूर रहने को कह रही हैं। प्रशासन ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है। औंटा गांव के बंटू सिंह ने बताया, “आज तक के इतिहास में हमने ऐसा पानी न देखा था न सुना था। बुजुर्ग 1976 की बाढ़ के बारे में बताते थे, लेकिन इस बार तो उससे भी ज्यादा पानी आ गया है।” हाथीदह में गंगा नदी अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़कर अपने रिकॉर्ड जलस्तर पर बह रही है। जल संसाधन विभाग ने देर रात चेतावनी जारी की थी कि हाथीदह में नदी खतरे का निशान (HFL) पार कर सकती है और गांधीघाट में भी 6 इंच की बढ़ोतरी की संभावना है। पिछले 24 घंटे में हाथीदह में गंगा का जलस्तर 15 सेंटीमीटर बढ़ गया है। इसने अपने HFL मार्क 43.52 मीटर को पार कर लिया है। इससे हाथीदह के महेंद्रपुर में निचले इलाकों में पानी फैल गया है और NH 80 पर बने RUB में करीब 12 इंच तक पानी भर गया है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से औंटा, दरियापुर, हाथीदह आदि के आवासीय इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। बिजली के पोल और ट्रांसफार्मर डूब गए हैं, जिसके कारण बिजली विभाग को सावधानी के तौर पर लाइट काटनी पड़ी है। गंगा के बढ़े हुए जलस्तर से हाथीदह और मोकामा की मुख्य सड़क के साथ-साथ ग्रामीण सड़कें भी डूबने लगी हैं। मोकामा की अंचल अधिकारी लवली कुमारी लगातार लोगों से नदी से दूर रहने को कह रही हैं। प्रशासन ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है। औंटा गांव के बंटू सिंह ने बताया, “आज तक के इतिहास में हमने ऐसा पानी न देखा था न सुना था। बुजुर्ग 1976 की बाढ़ के बारे में बताते थे, लेकिन इस बार तो उससे भी ज्यादा पानी आ गया है।”  

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