7 साल के बच्चे की इंजेक्शन लगने के बाद मौत:जमुई में मां ने ग्रामीण डॉक्टर पर लापरवाही का लगाया आरोप, 2 दिन से बुखार था

7 साल के बच्चे की इंजेक्शन लगने के बाद मौत:जमुई में मां ने ग्रामीण डॉक्टर पर लापरवाही का लगाया आरोप, 2 दिन से बुखार था

जमुई के मंझवे इलाके में बुखार से पीड़ित सात साल के बच्चे की इंजेक्शन लगने के बाद मौत हो गई। मृतक की पहचान सदर थाना क्षेत्र के मंझावे निवासी दिनेश दास के बेटे विवेक कुमार के रूप में हुई है। विवेक कक्षा 2 में पढ़ता था और अपने परिवार का सबसे छोटा बेटा था। घटना के बाद मां का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक की मां शोभा देवी ने बताया कि विवेक को करीब दो दिनों से हल्का बुखार था। शुक्रवार को बुखार आने पर उन्होंने बच्चे को आधी गोली पैरासिटामोल दी। कुछ घंटे बाद फिर बुखार बढ़ने लगा। इसके बाद शनिवार को बच्चे को दिखाने के लिए नवीननगर ले जाया गया। परिवार के लोगों ने ग्रामीण डॉक्टर शंभू सिंह के पास बच्चे को दिखाने की बात कही। शोभा देवी ने बताया कि क्लिनिक जाने से पहले बच्चे ने घर में दो गर्म रोटियां खाई थीं और वह सामान्य दिख रहा था। इंजेक्शन लगने के बाद मुंह से निकलने लगा झाग मां ने बताया जांच के दौरान डॉक्टर ने बच्चे को ज्यादा बुखार नहीं था, डॉ.इंजेक्शन लगाने की बात कही। मां ने बताया विवेक इंजेक्शन लेने से मना कर रहा था और बार-बार टैबलेट देने की बात कह रहा था। इसके बावजूद उसे बहला-फुसलाकर जबरन इंजेक्शन लगाया गया। इंजेक्शन लगने के बाद बच्चे के शरीर में अकड़न होने लगी। इसके बाद उसके नाक और मुंह से झाग निकलने लगा। स्थिति बिगड़ने पर उसे ऑटो से एक प्राइवेट क्लिनिक भेजा गया। वहां स्थिति और गंभीर हो गई। सदर अस्पताल ले जाते समय विवेक की मौत हो गई। मां का यह भी आरोप है कि ग्रामीण डॉक्टर ने बच्चे को चमकी बीमारी होने की बात कही थी। हालांकि, मां ने कहा कि उनके बच्चे को पहले कभी इस तरह की बीमारी नहीं हुई थी। मां ने डॉक्टर पर लगाया फर्जी होने का आरोप मां ने आरोप लगाया कि संभु सिंह बिना डिग्री के डॉक्टर है, अपना निजी क्लीनिक नवीननगर खोल रखा है। उनका कहना है कि इंजेक्शन लगने से पहले तक विवेक खाना खा रहा था और सामान्य रूप से खेल रहा था। विवेक के पिता दिनेश दास परदेश में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बेटे की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों ने घटना की सूचना टाउन थाना पुलिस को दी है। घटना के बाद से डॉक्टर फरार सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बच्चे के शव के पोस्टमॉर्टम कराया गया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाएगा। हालांकि इस मामले में ग्रामीण चिकित्स शंभू सिंह से संपर्क करना चाहे तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया। इधर डॉ. शंभू सिंह फरार बताया जा रहे हैं। जमुई के मंझवे इलाके में बुखार से पीड़ित सात साल के बच्चे की इंजेक्शन लगने के बाद मौत हो गई। मृतक की पहचान सदर थाना क्षेत्र के मंझावे निवासी दिनेश दास के बेटे विवेक कुमार के रूप में हुई है। विवेक कक्षा 2 में पढ़ता था और अपने परिवार का सबसे छोटा बेटा था। घटना के बाद मां का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक की मां शोभा देवी ने बताया कि विवेक को करीब दो दिनों से हल्का बुखार था। शुक्रवार को बुखार आने पर उन्होंने बच्चे को आधी गोली पैरासिटामोल दी। कुछ घंटे बाद फिर बुखार बढ़ने लगा। इसके बाद शनिवार को बच्चे को दिखाने के लिए नवीननगर ले जाया गया। परिवार के लोगों ने ग्रामीण डॉक्टर शंभू सिंह के पास बच्चे को दिखाने की बात कही। शोभा देवी ने बताया कि क्लिनिक जाने से पहले बच्चे ने घर में दो गर्म रोटियां खाई थीं और वह सामान्य दिख रहा था। इंजेक्शन लगने के बाद मुंह से निकलने लगा झाग मां ने बताया जांच के दौरान डॉक्टर ने बच्चे को ज्यादा बुखार नहीं था, डॉ.इंजेक्शन लगाने की बात कही। मां ने बताया विवेक इंजेक्शन लेने से मना कर रहा था और बार-बार टैबलेट देने की बात कह रहा था। इसके बावजूद उसे बहला-फुसलाकर जबरन इंजेक्शन लगाया गया। इंजेक्शन लगने के बाद बच्चे के शरीर में अकड़न होने लगी। इसके बाद उसके नाक और मुंह से झाग निकलने लगा। स्थिति बिगड़ने पर उसे ऑटो से एक प्राइवेट क्लिनिक भेजा गया। वहां स्थिति और गंभीर हो गई। सदर अस्पताल ले जाते समय विवेक की मौत हो गई। मां का यह भी आरोप है कि ग्रामीण डॉक्टर ने बच्चे को चमकी बीमारी होने की बात कही थी। हालांकि, मां ने कहा कि उनके बच्चे को पहले कभी इस तरह की बीमारी नहीं हुई थी। मां ने डॉक्टर पर लगाया फर्जी होने का आरोप मां ने आरोप लगाया कि संभु सिंह बिना डिग्री के डॉक्टर है, अपना निजी क्लीनिक नवीननगर खोल रखा है। उनका कहना है कि इंजेक्शन लगने से पहले तक विवेक खाना खा रहा था और सामान्य रूप से खेल रहा था। विवेक के पिता दिनेश दास परदेश में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बेटे की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों ने घटना की सूचना टाउन थाना पुलिस को दी है। घटना के बाद से डॉक्टर फरार सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बच्चे के शव के पोस्टमॉर्टम कराया गया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाएगा। हालांकि इस मामले में ग्रामीण चिकित्स शंभू सिंह से संपर्क करना चाहे तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया। इधर डॉ. शंभू सिंह फरार बताया जा रहे हैं।  

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