Saharanpur Mosque Demolition: सहारनपुर में कलेक्टर कार्यालय परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद विवाद बढ़ता जा रहा है। मस्जिद से जुड़े परिवार ने दावा किया है कि इस जमीन को उनके बुजुर्गों ने दान किया था और उनके पास जमीन से जुड़े सभी दस्तावेज मौजूद हैं। याकूब खान के परपोते फिरोज खान ने कहा कि परिवार ने कभी अपने अधिकार का सार्वजनिक दावा नहीं किया, लेकिन मस्जिद गिराए जाने की खबर से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। वहीं, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर कानून, संविधान और न्याय व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
हमारे बुजुर्गों की विरासत थी मस्जिद- फिरोज खान
फिरोज खान ने कहा कि हमें पता चला है कि यहां पठानपुर में कलेक्टर कार्यालय परिसर में स्थित मस्जिद को आज गिरा दिया गया। इससे हमें और हमारे बुजुर्गों को बहुत दुख हुआ है, खासकर इसलिए क्योंकि यह मामला काफी समय से चल रहा था। हमने कभी इस मामले में दखल नहीं दिया, न ही कभी वहां जाकर स्थिति पर सवाल उठाया या अपने अधिकार का दावा किया, जबकि जमीन मूल रूप से हमारे बुजुर्गों ने दान की थी और इससे उनके नाम जुड़े हुए हैं। फिर भी आज यह सुनकर हमें बहुत दुख हुआ कि हमारे बुजुर्गों की विरासत रही मस्जिद को आज सुबह गिरा दिया गया।
‘हमारे पास हैं सारे दस्तावेज’
फिरोज खान ने बताया कि हमारे पास मालिकाना हक साबित करने वाले सभी संबंधित दस्तावेज हैं, लेकिन हमने कभी उन्हें दिखावा नहीं किया और न ही सार्वजनिक रूप से अपना दावा करने के लिए आगे आए हमारे बुजुर्गों ने अलग-अलग कामों के लिए जमीन दान की थी और उन्होंने कभी मंदिर और मस्जिद में फर्क नहीं किया। उन्होंने चीजों को भेदभाव की नजर से कभी नहीं देखा।
वे देश की अदालतों पर बुलडोजर चला रहे हैं- इमरान मसूद
मस्जिद ध्वस्तीकरण को लेकर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कानून और न्याय व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोग जो कहना चाहते हैं कह सकते हैं, मैं कानून की बात कर रहा हूं। वे कानून का सम्मान नहीं करते। उन्होंने कानून व्यवस्था को खत्म कर दिया है। क्या देश में वास्तव में कानून का पालन हो रहा है? मेरे लिए एक कानून है और आपके लिए दूसरा कानून है। अगर देश की न्यायपालिका, उसकी अदालतें ही खत्म हो जाएं तो क्या देश बचेगा? वे देश की अदालतों पर बुलडोजर चला रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि हमारी स्थिति बहुत मजबूत है। हमारे पास ठोस आधार हैं, हम सुप्रीम कोर्ट तक जाने के लिए तैयार हैं यह निश्चित रूप से काला दिन है, आपने मुसलमानों के प्रति इतनी नफरत पैदा कर दी है कि आप उनके पूजा स्थलों को गिरा देते हैं और उनके बच्चों को अपराधी बताते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी कल आ रहे हैं और हमारे वकील काम कर रहे हैं।
कुएं को लेकर भी दिया बयान
ध्वस्तीकरण स्थल पर मिले कुएं को लेकर इमरान मसूद ने कहा कि मस्जिद के ठीक बगल में एक कुआं हुआ करता था। उन्होंने कहा कि मैं आपको अपने खेत पर ले जा सकता हूं, जहां एक मस्जिद है। जमींदार हमेशा मस्जिद के पास कुएं खुदवाते थे। यही नमाज पढ़ने के लिए तय जगह थी, उस समय बोरवेल नहीं होते थे यह उसी दौर की मस्जिद है। कलेक्टरेट बाद में बनाया गया था, मस्जिद पहले से थी। मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद अब परिवार की ओर से जमीन के दस्तावेज होने का दावा और कांग्रेस सांसद की ओर से उठाए गए कानूनी सवाल इस मामले को और गंभीर बना रहे हैं।

