प्रतापगढ़ में सदहा इलाके में शनिवार शाम अचानक बेहोश होकर पानी से भरे गड्ढे में गिरी मानसिक रूप से दिव्यांग युवती की एक युवक ने जान बचाई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे इलाज के लिए सीएचसी पट्टी में भर्ती कराया। युवती की पहचान नहीं होने पर चौकी इंचार्ज अतुल यादव ने सोशल मीडिया पर उसकी फोटो साझा कर पहचान कराने की कोशिश शुरू की। करीब 16 घंटे बाद रविवार सुबह उसका भाई अस्पताल पहुंचा और युवती की पहचान सपना वर्मा के रूप में की। गड्ढे में गिरी युवती, युवक ने कूदकर बचाया शनिवार शाम करीब 4 बजे सदहा इलाके में एक युवती अचानक बेहोश होकर सड़क किनारे पानी से भरे गड्ढे में गिर गई। घर के सामने खड़े सत्यम तिवारी ने उसे गिरते देखा तो बिना देर किए गड्ढे में कूद गए और युवती को बाहर निकाला। उनकी तत्परता से युवती की जान बच गई। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने युवती को इलाज के लिए सीएचसी पट्टी भेजा। महिला पुलिसकर्मियों को अस्पताल में किया तैनात चौकी इंचार्ज अतुल यादव ने युवती की हालत और उसकी पहचान न होने को गंभीरता से लिया। इलाज के दौरान उसकी सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मियों को अस्पताल में तैनात किया गया। वहीं, चौकी इंचार्ज खुद युवती के परिवार का पता लगाने में जुट गए। उन्होंने सोशल मीडिया पर युवती की फोटो साझा की और लोगों से उसकी पहचान बताने में मदद मांगी। पुलिस की यह कोशिश रंग लाई और रविवार सुबह करीब 8 बजे युवती का भाई लक्ष्मण वर्मा अस्पताल पहुंच गया। सात साल से मानसिक बीमारी का इलाज चल रहा लक्ष्मण वर्मा ने युवती की पहचान अपनी बहन सपना वर्मा के रूप में की। उसने बताया कि सपना पिछले करीब सात साल से मानसिक बीमारी से जूझ रही है और उसका इलाज चल रहा है। शनिवार को वह परिवार को बिना बताए घर से निकल गई थी। परिवार ने काफी तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चल सका था। जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद पुलिस ने सपना को उसके भाई के सुपुर्द कर दिया। परिवार ने मददगारों का जताया आभार सपना के परिवार ने उसकी जान बचाने वाले सत्यम तिवारी, पुलिसकर्मियों और इलाज में मदद करने वाले सदहा निवासी अकबर का आभार जताया। परिवार के लिए करीब एक दिन बाद सपना का सुरक्षित मिलना बड़ी राहत रही।

