नरसिंहपुर जिले में सोयाबीन की फसल पर इन दिनों पीला मोजेक समेत दूसरे रोगों का असर दिख रहा है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में लहलहाती हुई सोयाबीन की फसल अचानक पीली पड़कर सूखने लगी है। महंगे बीज, जुताई-बखरनी और कीटनाशकों पर खर्च करने के बाद भी फसल खराब हो रही है। इससे किसान आर्थिक नुकसान की आशंका से परेशान हैं। फसल को बचाने के लिए उपाय ढूंढ रहे किसान किसान अब कृषि विशेषज्ञों की मदद ले रहे हैं। वे बीमारी की पहचान और फसल को बचाने के उपाय ढूंढ रहे हैं। किसानों का कहना है कि अगर समय रहते सही इलाज नहीं मिला, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। किसान बोले-फसल से अच्छे उत्पादन की उम्मीद कम किसान किशन सिंह जाट ने बताया कि उन्होंने महंगा बीज खरीदकर सोयाबीन की बुवाई की थी। खेत की बखरनी से लेकर स्प्रे और खरपतवार हटाने तक सभी जरूरी काम किए गए। इसके बावजूद फसल में पीला मोजेक और दूसरे रोग दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई किसान खेतों को देखकर फसल बखरने की बात कह रहे हैं। उन्हें फसल से अच्छे उत्पादन की उम्मीद कम है। जल्द खेतों का सर्वे किया जाने की मांग किसानों ने सरकार, प्रशासन और कृषि विभाग से मांग की है। उन्होंने कहा है कि जल्द खेतों का सर्वे किया जाए। बीमारी की सही पहचान कर वैज्ञानिक इलाज बताया जाए। साथ ही नुकसान का सर्वे भी कराया जाए। प्रभावित किसानों को सही मुआवजा और तकनीकी मदद देने की मांग भी उठ रही है।

