हरदा शहर की सड़कों और प्रमुख चौराहों पर इन दिनों आवारा मवेशियों का जमावड़ा परेशानी का कारण बना हुआ है। सड़क पर मवेशियों के बैठे और घूमते रहने से वाहन चालकों को निकलने में परेशानी हो रही है। खासकर चार पहिया वाहन चालकों को कई जगह रास्ता बदलकर निकलना पड़ता है। रात के समय सड़क पर बैठे मवेशियों से टकराने का खतरा और बढ़ जाता है। रात में हादसों का बना रहता है डर सड़कों पर बैठे मवेशी रात के समय वाहन चालकों को आसानी से दिखाई नहीं देते। ऐसे में उनसे टकराकर कई हादसे भी हो चुके हैं। लोगों का कहना है कि शहरी क्षेत्र में लगातार बढ़ रही इस समस्या से आवागमन प्रभावित हो रहा है। जिले में 34 गोशालाएं, फिर भी सड़कों पर मवेशी जिले में कुल 34 गोशालाएं बनाई गई हैं। इनमें: 21 सरकारी गोशालाएं 13 निजी गोशालाएं इन गोशालाओं का उद्देश्य शहर और आसपास घूमने वाले बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित संरक्षण देना है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में मवेशी सड़कों और चौराहों पर घूमते नजर आ रहे हैं। पहले जंगल में छोड़े, फिर वापस शहर लौट आए बताया गया कि पहले भी कई बार आवारा मवेशियों को पकड़कर शहर से दूर जंगल में छोड़ा गया था। हालांकि कुछ समय बाद ये मवेशी वापस शहरी इलाकों में पहुंच गए। आदेशों के बावजूद शहर के कई चौराहों और सड़कों पर मवेशियों का जमावड़ा बना हुआ है। बारिश में अस्थाई व्यवस्था की मांग गौशाला उत्थान संघ मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम संभाग प्रभारी नारायण सिंह राजपूत ने बताया कि बारिश को देखते हुए मवेशियों के लिए अस्थाई व्यवस्था करने के संबंध में कलेक्टर को आवेदन दिया गया है। उनका कहना है कि बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर रखने के लिए व्यवस्था जरूरी है।

