प्रयागराज जिले की मेजा तहसील के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहे हैं। गंगा और टोंस नदी का जलस्तर बढ़ने से कई निचले गांवों में पानी भर गया है, जिससे लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है। जिला प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने और उन्हें भोजन व रहने की सामग्री देने के निर्देश दिए हैं। मेजा के उपजिलाधिकारी (SDM) और स्थानीय राजस्व विभाग की टीम ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन के निर्देश पर, खुले में या अस्थाई शिविरों में रह रहे ग्रामीणों को धूप और बारिश से बचाने के लिए तिरपाल बांटे गए। राजस्व कर्मचारियों ने उन सभी परिवारों की लिस्ट बनाई है, जिनके घरों में पानी घुस गया है, ताकि कोई भी जरूरतमंद सहायता से वंचित न रहे। राहत शिविरों और जिन इलाकों से संपर्क टूट गया है, वहां तक पका हुआ ताजा भोजन और साफ पानी के पैकेट लगातार पहुंचाए जा रहे हैं। राहत किट में आटा, चावल, दाल, तेल, नमक, माचिस, मोमबत्ती और बिस्कुट जैसी रोजमर्रा की जरूरी चीजें शामिल हैं। इसके साथ ही, जानवरों के लिए हरा चारा और भूसे का इंतजाम भी किया जा रहा है। प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। जिन इलाकों में पानी भरा है, वहां डॉक्टरों की मोबाइल टीमें दवाइयों और ओआरएस के पैकेट के साथ मौजूद हैं, ताकि बीमारियों को फैलने से रोका जा सके। फंसे हुए ग्रामीणों को सुरक्षित निकालने और उन तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए नावों का इंतजाम किया गया है, जिसकी निगरानी बड़े अधिकारी कर रहे हैं। स्थानीय नेता भी प्रशासन के साथ मिलकर बाढ़ पीड़ितों को हर संभव मदद दे रहे हैं।

