फरीदाबाद में गुरुग्राम रोड स्थित बंधवाड़ी टोल प्लाजा पर एक कर्मचारी अचानक बैरियर के पास मुंह के बल जा गिरा। वह करीब 25 सेकेंड तक जमीन पर पड़ा तड़पता रहा। इसके बाद वह अचेत हो गया। तभी दूसरा कर्मचारी दौड़कर उसके पास पहुंचा और उसे संभाला। कुछ ही देर में दूसरे कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक के परिजनों का आरोप है कि राजेंद्र टोल की इमरजेंसी लाइन पर तैनात था। वहां एक वैगनआर कार ने पीछे हटते समय उसे टक्कर मार दी। इससे उसका सिर सड़क से जा टकराया। आरोप है कि कार चालक ने राजेंद्र के एक सहयोगी को इलाज के नाम पर 1 हजार रुपए दिए और मौके से फरार हो गया। इसके करीब 10 मिनट बाद राजेंद्र बेहोश होकर गिर पड़ा। परिजनों का आरोप है कि टोल प्रबंधन ने एंबुलेंस से राजेंद्र को अस्पताल नहीं पहुंचाया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना 1 सितंबर की है। अब राजेंद्र की मौत का वीडियो सामने आया है। हालांकि, ग्वाल पहाड़ी पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हार्ट अटैक सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, टोल पर कार से टक्कर मारने का कोई सबूत नहीं मिला, इसलिए इत्तेफाकिया कार्रवाई करते हुए शव परिजनों के हवाले कर दिया गया। 4 तस्वीरों में देखिए कैसे मौत हुई… 13 साल से टोल पर ड्यूटी कर रहा था राजेंद्र मूल रूप से यूपी के अलीगढ़ का रहने वाला राजेंद्र (36) पिछले करीब 13 साल से फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड पर बने बंधवाड़ी टोल पर सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहा था। वह गांव बंधवाड़ी में अपनी बहन के घर पर ही रहता था। उसके तीन बच्चे हैं, जिनमें सबसे बड़ी 10 साल की बेटी, 8 साल का बेटा और सबसे छोटा 5 साल का बेटा है। करीब 5 साल पहले उसका पत्नी से तलाक हो चुका था। वह अकेले ही बच्चों का पालन-पोषण कर रहा था। अब जानिए परिवार ने क्या आरोप लगाए… आरोप- वैगनआर कार ने पीछे हटते समय मारी टक्कर परिजन राकेश ने आरोप लगाया है कि 1 सितंबर को राजेंद्र ड्यूटी पर था। इसी दौरान एक वैगनआर कार ने पीछे हटते समय उसे टक्कर मार दी। टक्कर लगने से वह नीचे गिर गया और उसका सिर रोड से टकरा गया। उस समय उसके दूसरे सहयोगी कर्मचारी ने उसे उठाकर बिठा दिया। कार चालक ने सहयोगी को 1 हजार रुपए दिए और इलाज कराने की बात कहकर गाड़ी लेकर वहां से चला गया। 10 मिनट बाद ही बिगड़ी हालत राकेश का आरोप है कि टक्कर मारने वाली कार के टोल से निकलने के करीब 10 मिनट बाद ही राजेंद्र की हालत बिगड़ने लगी। वह मदद के लिए कर्मचारियों के पास गया, लेकिन टोल बूथ के पास पहुंचते ही जमीन पर गिर गया। जहां वह करीब 1 घंटे तक पड़ा रहा। टोल के किसी भी कर्मचारी ने उसे अस्पताल ले जाने की जहमत नहीं उठाई। राजेंद्र के सिर में चोट लगी थी। 1 घंटे बाद रिश्तेदार पहुंचे राकेश ने बताया कि टोल कर्मचारियों ने राजेंद्र के रिश्तेदारों को सूचना दी। इसके बाद परिजन टोल पर पहुंचे, लेकिन तब तक राजेंद्र की मौत हो चुकी थी। परिजन उसे बीके अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। टोल इंचार्ज बोले- 3 महीने पहले हटी एंबुलेंस जब इस मामले को लेकर टोल इंचार्ज राजेंद्र से बात की गई तो उन्होंने कहा कि 3 महीने पहले तक टोल रिलायंस के द्वारा चलाया जा रहा था। उस समय टोल पर एंबुलेंस हुआ करती थी, लेकिन अब पीडब्ल्यूडी के द्वारा टोल चलाया जा रहा है। अभी यहां कोई एंबुलेंस नहीं रहती। इससे ज्यादा जानकारी उन्हें नहीं है। पुलिस बोली- हार्ट अटैक से हुई मौत गुरुग्राम पुलिस की ग्वाल पहाड़ी चौकी के इंचार्ज नरबीर के मुताबिक, पुलिस मामले की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गई थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया है। मृतक के शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद उसे परिजनों के हवाले कर दिया।

