30 साल में 50% कम हो गए गिद्ध:लखनऊ प्राणि उद्यान में अंतरराष्ट्रीय गिद्ध जागरूकता दिवस मनाया

30 साल में 50% कम हो गए गिद्ध:लखनऊ प्राणि उद्यान में अंतरराष्ट्रीय गिद्ध जागरूकता दिवस मनाया

लखनऊ के नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान स्थित सारस प्रेक्षागृह में अंतरराष्ट्रीय गिद्ध जागरूकता दिवस और शिक्षक दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में गिद्धों की घटती संख्या और उनके संरक्षण पर चर्चा हुई। बच्चों ने पोस्टर बनाकर गिद्धों को बचाने का संदेश दिया। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने बच्चों की ओर से लगाई गई पोस्टर प्रदर्शनी का अवलोकन कर की। विशेषज्ञों ने कहा कि गिद्ध पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी हैं। उनकी संख्या में कमी से प्रकृति का संतुलन प्रभावित हो सकता है। प्राणि उद्यान निदेशक संजय कुमार ने बताया कि पिछले 30 साल में गिद्धों की संख्या में 50 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट आई है। मवेशियों की दवा के कारण घट रहे गिद्ध निदेशक संजय कुमार ने कहा कि गिद्धों की संख्या की गिरावट का बड़ा कारण मवेशियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली डाइक्लोफेनेक दवा है। उन्होंने कहा कि गिद्ध प्रकृति के सफाईकर्मी हैं। वे मरे हुए जानवरों के शवों को तेजी से साफ कर पर्यावरण को स्वच्छ रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। गिद्धों के संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक करना जरूरी है। बायोलॉजिस्ट डॉ. प्रशांत त्रिपाठी और वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर प्रखर कृष्ण ने गिद्धों पर प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि भारत में गिद्धों की 9 प्रजातियां पाई जाती हैं। इनमें हिमालयन ग्रिफॉन और भारतीय ग्रिफॉन प्रमुख हैं। संरक्षण के तरीकों की जानकारी गूगल पर हासिल करें मुख्य अतिथि समाजसेवी और उद्यमी सुनैना चौधरी ने बच्चों से गिद्धों के बारे में जानकारी हासिल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चे माता-पिता के फोन का सही इस्तेमाल करते हुए गिद्धों की उपयोगिता और संरक्षण के तरीकों की जानकारी गूगल पर हासिल करें। शिक्षक दिवस पर उन्होंने कहा कि माता-पिता और शिक्षक जीवन के पहले गुरु होते हैं। इसलिए उनका हमेशा सम्मान करना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में 100 से ज्यादा स्कूली बच्चों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर उप निदेशक डॉ. उत्कर्ष शुक्ला, क्षेत्रीय वनाधिकारी मुकेश चंद्र काण्डपाल समेत प्राणि उद्यान के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

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