बरेली में 1 किलो 300 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़े गए तस्कर ने पूछताछ में देहरादून में नशे के नेटवर्क को लेकर बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी देहरादून के कॉलेज छात्रों, हॉस्टल में रहने वाले युवाओं और रेव पार्टियों में हेरोइन सप्लाई करता था। मीरगंज के परौरा कट के पास ANTF और पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे गिरफ्तार किया। बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 2.60 करोड़ रुपए बताई गई है। पुलिस के अनुसार पकड़ा गया आरोपी फरीदपुर के ग्राम मोहनपुर निवासी जब्बार खां है। पूछताछ में उसने बताया कि वह अपने भाई के साथ मिलकर हेरोइन की तस्करी करता था। स्थानीय स्तर पर कम कीमत में हेरोइन खरीदकर देहरादून में ऊंचे दाम पर सप्लाई की जाती थी। पुलिस के मुताबिक 5 सितंबर को जब्बार हेरोइन की खेप लेकर देहरादून जा रहा था। इसी दौरान मीरगंज के परौरा कट के पास उसे पकड़ लिया गया। उसके पास से मोबाइल और 1200 रुपए भी बरामद हुए। एक महीने में 25-30 बार देहरादून जाने का दावा एसपी साउथ अंशिका वर्मा के मुताबिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी इसी महीने करीब 25 से 30 बार देहरादून जाकर हेरोइन सप्लाई कर चुका है। पुलिस अब उसके फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि देहरादून में वह किन लोगों को हेरोइन सप्लाई करता था और बरेली में उसे नशे की खेप कौन उपलब्ध कराता था। मोबाइल चैट और CDR से खरीदारों की तलाश जांच टीम आरोपी के मोबाइल की कॉल डिटेल और सोशल मीडिया चैट खंगाल रही है। इसके जरिए देहरादून में उसके संपर्क में रहने वाले लोगों और संभावित खरीदारों की पहचान की जा रही है। पुलिस यह भी पता कर रही है कि नशे की सप्लाई कॉलेज, हॉस्टल या पब-क्लब से जुड़े किन लोगों तक पहुंच रही थी। 2.60 करोड़ की हेरोइन बरामद मीरगंज पुलिस और ANTF की संयुक्त टीम ने आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 8/21/29 में केस दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक बरामद 1 किलो 300 ग्राम हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 2 करोड़ 60 लाख रुपए है। आरोपी को जेल भेज दिया गया है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।

