पटियाला की पंजाबी यूनिवर्सिटी (PU) के कॉन्ट्रैक्ट असिस्टेंट प्रोफेसरों का अपनी लंबित मांगों को लेकर चल रहा धरना आज 19वें दिन में प्रवेश कर गया। शिक्षक दिवस के मौके पर शिक्षकों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन और पंजाब सरकार के कथित अड़ियल रवैये के विरोध में आज के दिन को ‘काला दिवस’ के रूप में मनाया। प्रदर्शन के दौरान यूनिवर्सिटी कैंपस के साथ-साथ यूनिवर्सिटी के सभी 13 कॉन्स्टीट्यूएंट कॉलेजों में भी कॉन्ट्रैक्ट असिस्टेंट प्रोफेसरों ने काले कपड़े पहनकर, काली पट्टियां लगाकर और हाथों में काले झंडे लेकर रोष जताया। पंजाबी कॉन्ट्रैक्ट टीचर्स एसोसिएशन की प्रधान डॉ. तरनजीत कौर ने बताया कि कॉन्ट्रैक्ट असिस्टेंट प्रोफेसर पिछले 15 से 20 सालों से मानसिक, आर्थिक और सामाजिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। उनका आरोप है कि पूरी योग्यता होने के बावजूद शिक्षकों को कम वेतन और असुरक्षित भविष्य में काम करना पड़ रहा है। मांगें नहीं मानी तो संघर्ष करेंगे तेज उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन से UGC रेगुलेशंस को पूरी तरह लागू करने और हाईकोर्ट द्वारा CWP 21780-2022 में दिए गए फैसले और आदेशों को लागू करने की मांग की। वहीं, एसोसिएशन के वरिष्ठ नेता प्रो. सुरिंदर सिंह ने यूनिवर्सिटी प्रशासन को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर आने वाले मंगलवार तक शिक्षकों की जायज मांगों का हल नहीं किया गया, तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा। रीजनल सेंटर पूरी तरह बंद करने की चेतावनी उन्होंने ऐलान किया कि ऐसी स्थिति में पंजाबी यूनिवर्सिटी के अधीन आने वाले सभी 13 कॉन्स्टीट्यूएंट कॉलेज, नेबरहुड कैंपस और रीजनल सेंटर पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई पर असर पड़ेगा और कैंपसों में पैदा होने वाली किसी भी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी यूनिवर्सिटी प्रशासन की होगी।

