बच्चों को पत्थर फेंकने से रोकने पहुंचे पिता पर फायरिंग:अररिया में बेटे पर फरसे से हमला, 2011 के प्रेम विवाह से जुड़े पुराने विवाद में हत्या

बच्चों को पत्थर फेंकने से रोकने पहुंचे पिता पर फायरिंग:अररिया में बेटे पर फरसे से हमला, 2011 के प्रेम विवाह से जुड़े पुराने विवाद में हत्या

अररिया के रानीगंज थाना क्षेत्र की परिहारि पंचायत के वार्ड नंबर छह में शनिवार को पुरानी रंजिश में 50 वर्षीय गजेंद्र यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई। गजेंद्र यादव पड़ोस के बच्चों को समझाने के लिए अपनी बेटी के घर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में आरोपियों ने उन पर गोली चला दी। घटना में उनका बेटा भी फरसे के हमले से घायल हो गया। मृतक कोशकापुर पंचायत के बेरख गांव के रहने वाले थे। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। देखें, मौके से आई तस्वीरें… बच्चों की शिकायत पर निकले थे पिता-पुत्र मृतक की बेटी कंचन देवी के अनुसार, शनिवार सुबह से पड़ोस के कुछ बच्चे उनके घर पर पत्थर फेंक रहे थे। इसकी जानकारी मिलने पर उनके पिता गजेंद्र यादव और भाई राजा यादव बच्चों को समझाने के लिए घर से निकले। कुलानंद यादव के घर के पास पहुंचते ही मुकेश यादव, ललन यादव और कुछ अन्य लोगों ने गजेंद्र यादव पर गोली चला दी। गोली लगने से गजेंद्र यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, हमलावरों के हमले में उनका बेटा भी घायल हुआ। खेत से लौटते समय मिली हमले की सूचना मृतक के बेटे राजकुमार यादव ने बताया कि वह और उनके पिता खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान बहन का फोन आया कि कुछ लोग उनके घर पर पत्थर फेंक रहे हैं। इसके बाद दोनों बहन के घर की ओर निकल पड़े। कुलानंद यादव के घर के पास पहुंचते ही मुकेश कुमार, ललन कुमार और अन्य लोगों ने उनके पिता पर गोली चला दी। आरोप है कि हमलावरों ने राजकुमार पर भी फरसे से हमला किया। 2011 के प्रेम विवाह से जुड़ा है पुराना विवाद पुलिस की प्रारंभिक जांच में दोनों परिवारों के बीच पुराना विवाद सामने आया है। बताया गया कि वर्ष 2011 में प्रेम विवाह को लेकर दोनों परिवारों के बीच विवाद और मामला चला था। पुलिस को आशंका है कि इसी पुरानी रंजिश में हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया। आरोपियों की पहचान, गिरफ्तारी के लिए छापेमारी घटना की सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ सुशील कुमार और रानीगंज सर्किल इंस्पेक्टर सतीश कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल की जांच करने के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। एसडीपीओ बोले- पारिवारिक विवाद में हुई हत्या एसडीपीओ सुशील कुमार ने बताया कि मृतक की बेटी और आरोपियों के बीच पहले से पारिवारिक विवाद था। गजेंद्र यादव अपनी बेटी के घर जा रहे थे, तभी उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पड़ोसी की बुआ से प्रेम विवाह किया था बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच विवाद की जड़ करीब 10 साल पुराना प्रेम विवाह है। मिली जानकारी के अनुसार, मृतक गजेंद्र यादव के दामाद के भाई ने वर्ष 2011 में अपने पड़ोसी मुकेश यादव की फुआ से प्रेम विवाह किया था। इसी शादी को लेकर दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। ताजा घटना शनिवार की है। बताया गया कि मुकेश यादव के घर के बच्चों द्वारा गजेंद्र यादव की बेटी के घर पर ईंट-पत्थर फेंके जाने की जानकारी मिलने के बाद गजेंद्र यादव अपने बेटे राजकुमार यादव के साथ बेटी के पड़ोसी को समझाने पहुंचे थे। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और आरोप है कि इसी क्रम में गजेंद्र यादव को गोली मार दी गई। अररिया के रानीगंज थाना क्षेत्र की परिहारि पंचायत के वार्ड नंबर छह में शनिवार को पुरानी रंजिश में 50 वर्षीय गजेंद्र यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई। गजेंद्र यादव पड़ोस के बच्चों को समझाने के लिए अपनी बेटी के घर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में आरोपियों ने उन पर गोली चला दी। घटना में उनका बेटा भी फरसे के हमले से घायल हो गया। मृतक कोशकापुर पंचायत के बेरख गांव के रहने वाले थे। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। देखें, मौके से आई तस्वीरें… बच्चों की शिकायत पर निकले थे पिता-पुत्र मृतक की बेटी कंचन देवी के अनुसार, शनिवार सुबह से पड़ोस के कुछ बच्चे उनके घर पर पत्थर फेंक रहे थे। इसकी जानकारी मिलने पर उनके पिता गजेंद्र यादव और भाई राजा यादव बच्चों को समझाने के लिए घर से निकले। कुलानंद यादव के घर के पास पहुंचते ही मुकेश यादव, ललन यादव और कुछ अन्य लोगों ने गजेंद्र यादव पर गोली चला दी। गोली लगने से गजेंद्र यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, हमलावरों के हमले में उनका बेटा भी घायल हुआ। खेत से लौटते समय मिली हमले की सूचना मृतक के बेटे राजकुमार यादव ने बताया कि वह और उनके पिता खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान बहन का फोन आया कि कुछ लोग उनके घर पर पत्थर फेंक रहे हैं। इसके बाद दोनों बहन के घर की ओर निकल पड़े। कुलानंद यादव के घर के पास पहुंचते ही मुकेश कुमार, ललन कुमार और अन्य लोगों ने उनके पिता पर गोली चला दी। आरोप है कि हमलावरों ने राजकुमार पर भी फरसे से हमला किया। 2011 के प्रेम विवाह से जुड़ा है पुराना विवाद पुलिस की प्रारंभिक जांच में दोनों परिवारों के बीच पुराना विवाद सामने आया है। बताया गया कि वर्ष 2011 में प्रेम विवाह को लेकर दोनों परिवारों के बीच विवाद और मामला चला था। पुलिस को आशंका है कि इसी पुरानी रंजिश में हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया। आरोपियों की पहचान, गिरफ्तारी के लिए छापेमारी घटना की सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ सुशील कुमार और रानीगंज सर्किल इंस्पेक्टर सतीश कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल की जांच करने के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। एसडीपीओ बोले- पारिवारिक विवाद में हुई हत्या एसडीपीओ सुशील कुमार ने बताया कि मृतक की बेटी और आरोपियों के बीच पहले से पारिवारिक विवाद था। गजेंद्र यादव अपनी बेटी के घर जा रहे थे, तभी उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पड़ोसी की बुआ से प्रेम विवाह किया था बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच विवाद की जड़ करीब 10 साल पुराना प्रेम विवाह है। मिली जानकारी के अनुसार, मृतक गजेंद्र यादव के दामाद के भाई ने वर्ष 2011 में अपने पड़ोसी मुकेश यादव की फुआ से प्रेम विवाह किया था। इसी शादी को लेकर दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। ताजा घटना शनिवार की है। बताया गया कि मुकेश यादव के घर के बच्चों द्वारा गजेंद्र यादव की बेटी के घर पर ईंट-पत्थर फेंके जाने की जानकारी मिलने के बाद गजेंद्र यादव अपने बेटे राजकुमार यादव के साथ बेटी के पड़ोसी को समझाने पहुंचे थे। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और आरोप है कि इसी क्रम में गजेंद्र यादव को गोली मार दी गई।  

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