राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव में नामांकन प्रक्रिया, नाम वापसी के बाद अब प्रदेश में 309 निकायों में कुल 38929 उम्मीदवार मैदान में चुनाव लड़ रहे हैं। कैटेगिरी वाइज देखें तो इस बार ओबीसी वर्ग के प्रत्याशियों का दबदबा दिख रहा है। 309 नगरीय निकायों में लड़ रहे प्रत्याशियों में से करीब 47 फीसदी ओबीसी कैटेगिरी से हैं। सबसे कम संख्या एसटी महिला वर्ग की है। राज्य निर्वाचन आयोग की एक रिपोर्ट देखें तो सबसे ज्यादा संख्या ओबीसी कैटेगिरी के पुरूषों की है। इनकी संख्या 11 हजार 835 है। इस कैटेगिरी में महिलाओं की संख्या 6 हजार 349 है। इन तीन जिलों में एक भी उम्मीदवार एसटी वर्ग से नहीं राज्य के 41 जिलों में से 3 ऐसे हैं, जहां से एसटी वर्ग का एक भी उम्मीदवार मैदान में नहीं है। इन तीन जिलों में कुल 19 नगरीय निकाय हैं। इसमें डीडवाना-कुचामन (8 निकाय), नागौर (9 निकाय) और फलोदी (2 निकाय) शामिल है। सबसे कम ST महिला प्रत्याशी इन चुनावों में इस बार सबसे कम प्रत्याशी एसटी महिला वर्ग की है। इस वर्ग से प्रदेशभर में कुल 558 महिलाओं ने चुनाव लड़ने के लिए नामांकन भरा और मैदान में डटी है। 41 जिलों में से फलोदी, नागौर, धौलपुर, डीडवाना-कुचामन, बीकानेर, ब्यावर और बाड़मेर जिले ऐसे है, जहां मौजूद सभी नगरीय निकायों में एक भी एसटी महिला उम्मीदवार मैदान में नहीं है।
पिछले चुनावों में 44 फीसदी सीटों पर जीते थे ओबीसी उम्मीदवार आखिरी बार प्रदेश में 199 नगरीय निकायों के चुनाव हुए थे। तब 7500 वार्डो में 44 फीसदी सीटों पर ओबीसी के उम्मीदवारों जीतकर आए थे। जिनकी कुल संख्या 3295 थी। वहीं अनारक्षित श्रेणी से 2580 उम्मीदवार, अनुसूचित जनजाति (ST) से 271 और अनुसूचित जाति (SC) से 1354 उम्मीदवार जीते थे।

