“नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की…” भजनों के बीच संभल में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई गई। शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ। श्रद्धालुओं ने मटकी फोड़कर यह उत्सव मनाया। इस दौरान कल्कि नगरी संभल जयकारों से गूंज उठी। डीएम, एसपी विकास चंद्र त्रिपाठी, एएसपी (दक्षिणी) मनोज रावत और सीडीओ गोरखनाथ भट्ट ने बहजोई मंडी समिति स्थित मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की। उन्होंने भगवान का पालना भी झुलाया। जनपद संभल के सभी थानों को भी जन्माष्टमी के लिए सजाया गया था। छोटे-छोटे बच्चों ने भगवान के स्वरूप में सजकर झांकियां प्रस्तुत कीं। मंदिरों में सुंदर-सुंदर झांकियां सजाई गई थीं। संभल शहर के पंजाबी मंदिर, रहट वाला मंदिर, सुराजकुंड मंदिर, रायसत्ती स्थित शिव मंदिर, श्रीचामुंडा देवी मंदिर, श्रीबनखंडन मंदिर, प्राचीन श्रीकल्कि मंदिर, श्रीवंशगोपाल तीर्थ और महमूद खां सराय सहित कई जगहों पर आयोजन हुए। चंदौसी के श्रीपंजाबी सभा मंदिर में भजन कीर्तन हुआ। बबराला के रामलीला मैदान में स्वचालित झांकियां दिखाई गईं। बहजोई के श्री खाटू श्याम मंदिर में भी भजन कीर्तन का आयोजन किया गया। गुलशन चाबा ने बताया कि संभल के पंजाबी मंदिर में पिछले 60 सालों से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जा रही है। इस साल भी बरेली और रामपुर के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। राजीव अग्रवाल ने कहा कि श्रद्धालु श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के कार्यक्रमों में पूरी तरह डूबे हुए थे। नवीन अग्रवाल ने बताया कि संभल में सबसे बड़ा कार्यक्रम रहट वाले मंदिर में होता है, जहां पिछले पांच दशक से भगवान का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। पं. आचार्य शोभित शास्त्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव हर मंदिर में हर्षोल्लास से मनाया गया। भजन-कीर्तन हुए और बच्चों द्वारा प्रस्तुत झांकियों के दर्शन का भक्तों ने आनंद लिया।

