फतेहाबाद नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों और फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की हड़ताल को आज पूरा एक महीना हो गया है। सरकार द्वारा मांगें न सुने जाने और लगातार अनदेखी किए जाने के विरोध में कर्मचारियों ने एक अनोखा और प्रतीकात्मक कदम उठाते हुए सामूहिक रूप से मुंडन करवाया। प्रदर्शन के दौरान लगभग एक दर्जनों से अधिक कर्मचारियों ने अपना सिर मुंडवाया। इस अवसर पर फायर ब्रिगेड कर्मचारी और यूनियन नेता सतबीर सहारण ने बताया कि राज्य कमेटी के आह्वान पर वे पिछले 30 दिनों से लगातार अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं। रोष स्वरूप सामूहिक मुंडन करवाया सतबीर सहारण ने कहा कि हिंदू मान्यताओं और संस्कृति के अनुसार जब परिवार या समाज में किसी की मृत्यु होती है, तभी मुंडन करवाया जाता है. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले एक महीने से जनता की स्वच्छता और सुरक्षा से जुड़े कर्मचारी सड़कों पर हैं, लेकिन सरकार पूरी तरह से मौन और निष्क्रिय बनी हुई है। इसलिए कर्मचारियों ने राज्य सरकार को “मृत” मानते हुए रोष स्वरूप सामूहिक मुंडन करवाया है। सस्पेंशन-एस्मा की धमकियों से नहीं डरेंगे अधिकारियों और सरकार की ओर से की जा रही सख्त कार्रवाई पर बात करते हुए सहारण ने बताया कि सरकार अब दमनकारी नीतियों पर उतर आई है। हाल ही में 14 पक्के कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया है और फायर ब्रिगेड के 10 राज्य स्तरीय नेताओं को नौकरी से बर्खास्त (टर्मिनेट) कर दिया गया है। इसके अलावा विभिन्न जिलों में यूनियन पदाधिकारियों को बर्खास्त करने के आदेश जारी किए जा रहे हैं। विभाग की ओर से 48 घंटे के अल्टीमेटम जारी (ESMA) लागू कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी पर सहारण ने स्पष्ट किया कि कर्मचारी एफआईआर, जेल या बर्खास्तगी की धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन चाहे जितनी भी सख्त कार्रवाई कर ले, जब तक उनकी जायज मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन इसी तरह मजबूती से जारी रहेगा। 15 कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज फतेहाबाद के नगर परिषद कार्यालय में कचरा उड़ेलने के मामले में फतेहाबाद पुलिस ने नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी की शिकायत पर 14 सफाई कर्मचारियों व एक अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। कर्मचारियों पर बीएनएस की धारा 190, 191(2), 271, 221, 222, 329 के तहत किया गया है।

