लोक अदालत में ट्रैफिक चालान कैसे होगा माफ?, जानिए स्टेप-बाय-स्टेप:5-11 सितंबर तक करा लें वेरिफिकेशन, 12 को होगा निपटारा; दूसरे जिलों के चालान नहीं होंगे माफ

लोक अदालत में ट्रैफिक चालान कैसे होगा माफ?, जानिए स्टेप-बाय-स्टेप:5-11 सितंबर तक करा लें वेरिफिकेशन, 12 को होगा निपटारा; दूसरे जिलों के चालान नहीं होंगे माफ

12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर मुजफ्फरपुर में तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार ट्रैफिक चालानों के निपटारे के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि पिछली लोक अदालत जैसी भीड़ और अव्यवस्था की स्थिति नहीं बने। ट्रैफिक चालान वाले वाहन मालिकों को 5 से 11 सितंबर के बीच सिविल कोर्ट एरिया बिल्डिंग में बनाए गए प्री-वेरिफिकेशन काउंटर पर जाकर अपने चालान का सत्यापन कराना होगा। सत्यापन के बाद उन्हें टोकन दिया जाएगा। इसके बाद 12 सितंबर को लोक अदालत के दिन सिर्फ भुगतान की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। 12 सितंबर को सिकंदरपुर स्टेडियम में होगा भुगतान ट्रैफिक चालानों के भुगतान की व्यवस्था 12 सितंबर को सिकंदरपुर स्टेडियम में की जाएगी। पहले से सत्यापन करा चुके वाहन मालिकों को लोक अदालत के दिन दोबारा वेरिफिकेशन काउंटर पर जाने की जरूरत नहीं होगी। इससे समय की बचत होगी और भीड़ को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी। दूसरे जिलों के चालान मुजफ्फरपुर में नहीं होंगे माफ परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि दूसरे जिलों में दर्ज चालानों का मुजफ्फरपुर में निपटारा या माफी नहीं होगी। इसी तरह टोल प्लाजा के कैमरों से काटे गए चालान भी मुजफ्फरपुर में माफी के दायरे में नहीं आएंगे। विभाग ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे अपने चालान से संबंधित जानकारी पहले ही सत्यापित कर लें। 90 दिन से पुराने चालान ही माफी के दायरे में परिवहन विभाग के अनुसार, लोक अदालत में केवल निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाले 90 दिनों से अधिक पुराने चालान ही माफी के दायरे में आएंगे। परिवहन विभाग से संबंधित चालानों के सत्यापन के लिए विशेष काउंटर बनाया जा रहा है। ट्रैफिक और ICCC चालानों के लिए भी काउंटर ट्रैफिक पुलिस और ICCC कैमरों से काटे गए चालानों के सत्यापन और निपटारे के लिए भी काउंटर लगाए जाएंगे। इन काउंटरों की जगह को लेकर तैयारी चल रही है। उम्मीद है कि सभी तरह के चालानों के सत्यापन के लिए काउंटर एक साथ संचालित किए जाएंगे। पिछली लोक अदालत में उमड़ी थी भारी भीड़ बीते 9 मई को आयोजित लोक अदालत में बिहार में पहली बार ट्रैफिक चालानों का बड़े स्तर पर निपटारा किया गया था। उस दौरान भारी संख्या में वाहन मालिक पहुंच गए थे। भीड़ इतनी अधिक थी कि चालानों के निपटारे का समय अगले दिन तक बढ़ाना पड़ा था। करीब 60 हजार से अधिक ट्रैफिक चालानों का निपटारा किया गया था। इसी अनुभव को देखते हुए इस बार पहले से सत्यापन की व्यवस्था की गई है। 40 हजार से अधिक ट्रैफिक चालान होने का अनुमान विभागीय अधिकारियों के अनुसार, डीटीओ से संबंधित करीब 5 हजार चालान हैं, जबकि ट्रैफिक पुलिस और ICCC कैमरों से जुड़े चालानों की संख्या 40 हजार से अधिक होने का अनुमान है। बड़ी संख्या में वाहन मालिकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पहले से व्यवस्था की जा रही है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने की अपील प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती श्वेता कुमारी सिंह ने मुजफ्फरपुर के लोगों से अपील की है कि वे 12 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचें और अपने सुलहनीय मामलों का निशुल्क और त्वरित निष्पादन कराएं। घरेलू हिंसा से लेकर पारिवारिक मामलों तक का होगा निपटारा उन्होंने बताया कि लोक अदालत में घरेलू हिंसा, बिजली से संबंधित मामले, मोटर दुर्घटना दावा और पारिवारिक विवाद समेत कई सुलहनीय मामलों का आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण तरीके से निपटारा कराया जा सकता है। 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर मुजफ्फरपुर में तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार ट्रैफिक चालानों के निपटारे के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि पिछली लोक अदालत जैसी भीड़ और अव्यवस्था की स्थिति नहीं बने। ट्रैफिक चालान वाले वाहन मालिकों को 5 से 11 सितंबर के बीच सिविल कोर्ट एरिया बिल्डिंग में बनाए गए प्री-वेरिफिकेशन काउंटर पर जाकर अपने चालान का सत्यापन कराना होगा। सत्यापन के बाद उन्हें टोकन दिया जाएगा। इसके बाद 12 सितंबर को लोक अदालत के दिन सिर्फ भुगतान की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। 12 सितंबर को सिकंदरपुर स्टेडियम में होगा भुगतान ट्रैफिक चालानों के भुगतान की व्यवस्था 12 सितंबर को सिकंदरपुर स्टेडियम में की जाएगी। पहले से सत्यापन करा चुके वाहन मालिकों को लोक अदालत के दिन दोबारा वेरिफिकेशन काउंटर पर जाने की जरूरत नहीं होगी। इससे समय की बचत होगी और भीड़ को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी। दूसरे जिलों के चालान मुजफ्फरपुर में नहीं होंगे माफ परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि दूसरे जिलों में दर्ज चालानों का मुजफ्फरपुर में निपटारा या माफी नहीं होगी। इसी तरह टोल प्लाजा के कैमरों से काटे गए चालान भी मुजफ्फरपुर में माफी के दायरे में नहीं आएंगे। विभाग ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे अपने चालान से संबंधित जानकारी पहले ही सत्यापित कर लें। 90 दिन से पुराने चालान ही माफी के दायरे में परिवहन विभाग के अनुसार, लोक अदालत में केवल निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाले 90 दिनों से अधिक पुराने चालान ही माफी के दायरे में आएंगे। परिवहन विभाग से संबंधित चालानों के सत्यापन के लिए विशेष काउंटर बनाया जा रहा है। ट्रैफिक और ICCC चालानों के लिए भी काउंटर ट्रैफिक पुलिस और ICCC कैमरों से काटे गए चालानों के सत्यापन और निपटारे के लिए भी काउंटर लगाए जाएंगे। इन काउंटरों की जगह को लेकर तैयारी चल रही है। उम्मीद है कि सभी तरह के चालानों के सत्यापन के लिए काउंटर एक साथ संचालित किए जाएंगे। पिछली लोक अदालत में उमड़ी थी भारी भीड़ बीते 9 मई को आयोजित लोक अदालत में बिहार में पहली बार ट्रैफिक चालानों का बड़े स्तर पर निपटारा किया गया था। उस दौरान भारी संख्या में वाहन मालिक पहुंच गए थे। भीड़ इतनी अधिक थी कि चालानों के निपटारे का समय अगले दिन तक बढ़ाना पड़ा था। करीब 60 हजार से अधिक ट्रैफिक चालानों का निपटारा किया गया था। इसी अनुभव को देखते हुए इस बार पहले से सत्यापन की व्यवस्था की गई है। 40 हजार से अधिक ट्रैफिक चालान होने का अनुमान विभागीय अधिकारियों के अनुसार, डीटीओ से संबंधित करीब 5 हजार चालान हैं, जबकि ट्रैफिक पुलिस और ICCC कैमरों से जुड़े चालानों की संख्या 40 हजार से अधिक होने का अनुमान है। बड़ी संख्या में वाहन मालिकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पहले से व्यवस्था की जा रही है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने की अपील प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती श्वेता कुमारी सिंह ने मुजफ्फरपुर के लोगों से अपील की है कि वे 12 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचें और अपने सुलहनीय मामलों का निशुल्क और त्वरित निष्पादन कराएं। घरेलू हिंसा से लेकर पारिवारिक मामलों तक का होगा निपटारा उन्होंने बताया कि लोक अदालत में घरेलू हिंसा, बिजली से संबंधित मामले, मोटर दुर्घटना दावा और पारिवारिक विवाद समेत कई सुलहनीय मामलों का आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण तरीके से निपटारा कराया जा सकता है।  

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