बांका में हल्की बारिश में धंसी ओढ़नी डैम की सड़क:कई जगह किनारे धंसे; हवा में लटके गार्डरैल

बांका में हल्की बारिश में धंसी ओढ़नी डैम की सड़क:कई जगह किनारे धंसे; हवा में लटके गार्डरैल

बांका मुख्यालय में ओढ़नी डैम की ओर जाने वाली सड़क की तस्वीरें हल्की बारिश के बाद ही निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठा रही हैं। सड़क के किनारे कई जगहों पर मिट्टी कटने से सड़क का हिस्सा नीचे से खोखला हो गया है। कई जगह सड़क का किनारा टूटकर गहरी खाई बन गया है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि सड़क की सुरक्षा के लिए लगाए गए गार्डरैल के नीचे की मिट्टी बह गई है। इसके बावजूद गार्डरैल और उसके लोहे के सपोर्ट हवा में लटक रहे हैं। ऐसे में सड़क से गुजरने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों के साथ कभी भी हादसा हो सकता है। बारिश के बाद सामने आई तस्वीरों में सड़क की खराब हालत साफ दिख रही है। सड़क के किनारे कई फीट तक मिट्टी कट गई है। कहीं सड़क की ऊपरी परत के नीचे से मिट्टी निकल चुकी है, तो कहीं किनारे का पूरा हिस्सा टूटकर नीचे चला गया है। सड़क के किनारे लगाए गए गार्डरैल के कई सपोर्ट भी कटाव के कारण खतरे में आ गए हैं। सुरक्षा के नहीं किए गए इंतजाम अगर इसी तरह मिट्टी कटती रही, तो सड़क का बचा हुआ हिस्सा भी धंस सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क बनाने के दौरान ही काम की गुणवत्ता पर सवाल उठे थे। अब बारिश ने निर्माण की असलियत सामने ला दी है। लोगों के मुताबिक, सड़क के किनारे मिट्टी को पर्याप्त मजबूती देने और सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए थे। सड़क पर सुरक्षा के लिए गार्डरैल लगाए गए हैं, लेकिन उनके नीचे की जमीन ही कटकर बह गई है। कई जगह लोहे के सपोर्ट का हिस्सा खुल गया है। इससे यह सवाल उठ रहा है कि गार्डरैल लगाने के साथ उसके नीचे सड़क के किनारे को मजबूत करने की व्यवस्था क्यों नहीं की गई? स्थानीय लोगों ने कहा कि यदि कोई वाहन किनारे की ओर चला गया, तो गार्डरैल उसे रोक पाएगा या नहीं, यह भी एक सवाल है। खासकर बारिश के मौसम में दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थिति ज्यादा खतरनाक है।
योजना से संबंधित नहीं लगाए गया सूचना बोर्ड रात के समय खतरा और बढ़ सकता है, क्योंकि सड़क किनारे हुए कटाव का अंदाजा दूर से लगाना मुश्किल होगा। स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण में पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठाया है। उनका कहना है कि कार्यस्थल पर योजना से संबंधित सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया है। बोर्ड नहीं होने के कारण लोगों को यह जानकारी नहीं मिल पा रही है। जांच में सड़क की मोटाई, इस्तेमाल की गई सामग्री, सड़क के बेस, किनारे की मजबूती और जलनिकासी व्यवस्था की जांच करने की मांग की गई है।

डीएम अंशुल अग्रवाल ने कहा कि ओढ़नी डैम आने वाले सड़क के निर्माण और उसके गुणवत्ता की जांच करायी जाएगी। जो भी दोषी पाये जाएंगे, नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बांका मुख्यालय में ओढ़नी डैम की ओर जाने वाली सड़क की तस्वीरें हल्की बारिश के बाद ही निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठा रही हैं। सड़क के किनारे कई जगहों पर मिट्टी कटने से सड़क का हिस्सा नीचे से खोखला हो गया है। कई जगह सड़क का किनारा टूटकर गहरी खाई बन गया है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि सड़क की सुरक्षा के लिए लगाए गए गार्डरैल के नीचे की मिट्टी बह गई है। इसके बावजूद गार्डरैल और उसके लोहे के सपोर्ट हवा में लटक रहे हैं। ऐसे में सड़क से गुजरने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों के साथ कभी भी हादसा हो सकता है। बारिश के बाद सामने आई तस्वीरों में सड़क की खराब हालत साफ दिख रही है। सड़क के किनारे कई फीट तक मिट्टी कट गई है। कहीं सड़क की ऊपरी परत के नीचे से मिट्टी निकल चुकी है, तो कहीं किनारे का पूरा हिस्सा टूटकर नीचे चला गया है। सड़क के किनारे लगाए गए गार्डरैल के कई सपोर्ट भी कटाव के कारण खतरे में आ गए हैं। सुरक्षा के नहीं किए गए इंतजाम अगर इसी तरह मिट्टी कटती रही, तो सड़क का बचा हुआ हिस्सा भी धंस सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क बनाने के दौरान ही काम की गुणवत्ता पर सवाल उठे थे। अब बारिश ने निर्माण की असलियत सामने ला दी है। लोगों के मुताबिक, सड़क के किनारे मिट्टी को पर्याप्त मजबूती देने और सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए थे। सड़क पर सुरक्षा के लिए गार्डरैल लगाए गए हैं, लेकिन उनके नीचे की जमीन ही कटकर बह गई है। कई जगह लोहे के सपोर्ट का हिस्सा खुल गया है। इससे यह सवाल उठ रहा है कि गार्डरैल लगाने के साथ उसके नीचे सड़क के किनारे को मजबूत करने की व्यवस्था क्यों नहीं की गई? स्थानीय लोगों ने कहा कि यदि कोई वाहन किनारे की ओर चला गया, तो गार्डरैल उसे रोक पाएगा या नहीं, यह भी एक सवाल है। खासकर बारिश के मौसम में दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थिति ज्यादा खतरनाक है।
योजना से संबंधित नहीं लगाए गया सूचना बोर्ड रात के समय खतरा और बढ़ सकता है, क्योंकि सड़क किनारे हुए कटाव का अंदाजा दूर से लगाना मुश्किल होगा। स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण में पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठाया है। उनका कहना है कि कार्यस्थल पर योजना से संबंधित सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया है। बोर्ड नहीं होने के कारण लोगों को यह जानकारी नहीं मिल पा रही है। जांच में सड़क की मोटाई, इस्तेमाल की गई सामग्री, सड़क के बेस, किनारे की मजबूती और जलनिकासी व्यवस्था की जांच करने की मांग की गई है।

डीएम अंशुल अग्रवाल ने कहा कि ओढ़नी डैम आने वाले सड़क के निर्माण और उसके गुणवत्ता की जांच करायी जाएगी। जो भी दोषी पाये जाएंगे, नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।  

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