सोनभद्र के रेणुकूट-पिपरी स्थित रिहंद बांध में पानी की लगातार बढ़ती आवक और सोन नदी में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए पानी की निकासी नियंत्रित कर दी गई है। बांध के 10 में से चार फाटक बंद कर दिए गए हैं। फिलहाल फाटक संख्या 6, 7 और 8 खुले हैं। इन तीनों को 16-16 फीट तक खोलकर करीब 33 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। बांध की टरबाइनों से भी करीब 17,960 क्यूसेक पानी बाहर निकल रहा है। खास बात यह है कि करीब 18 घंटे तक सात फाटक खुले रहने के बावजूद बांध का जलस्तर 0.2 फीट बढ़ गया। गुरुवार सुबह जलस्तर 871.5 फीट था, जो शुक्रवार सुबह छह बजे बढ़कर 871.7 फीट पहुंच गया। सोन नदी में पहले से ही बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। ओबरा बांध के फाटक खुलने और बाणसागर परियोजना से पानी सोन नदी में आने के कारण नदी का जलस्तर और बढ़ गया है। नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इसी को देखते हुए रिहंद बांध से पानी छोड़ने की मात्रा नियंत्रित की गई है। हालांकि पानी की आवक बढ़ने और जलस्तर में और वृद्धि होने पर शुक्रवार को दोबारा कुछ फाटक खोले जा सकते हैं। पानी की निकासी नियंत्रित करने के लिए गुरुवार शाम 4:30 बजे फाटक संख्या 4 और 10 बंद किए गए थे। इसके बाद रात करीब 10 बजे फाटक संख्या 5 और 9 को भी बंद कर दिया गया। इस तरह बांध के कुल चार फाटक बंद हो चुके हैं। फिलहाल फाटक संख्या 6, 7 और 8 खुले हैं। तीनों फाटकों को 16-16 फीट तक खोला गया है। इनसे करीब 33 हजार क्यूसेक पानी सोन नदी की ओर छोड़ा जा रहा है।
18 घंटे में 0.2 फीट बढ़ा जलस्तर बांध के सात फाटक करीब 18 घंटे तक खुले रहने के बावजूद जलस्तर में कमी नहीं आई। गुरुवार सुबह 871.5 फीट दर्ज किया गया जलस्तर शुक्रवार सुबह छह बजे 871.7 फीट पहुंच गया। यानी इस दौरान जलस्तर में 0.2 फीट की बढ़ोतरी हुई। लगातार पानी की आवक के बीच सोन नदी में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए फिलहाल पानी की निकासी सीमित रखी गई है। बांध के अधिकारी जलस्तर और आवक पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। टरबाइनों से भी निकल रहा 17,960 क्यूसेक पानी रिहंद बांध के खुले फाटकों के अलावा बिजली उत्पादन के लिए चल रही टरबाइनों से भी करीब 17,960 क्यूसेक पानी निकल रहा है। बांध से निकलने वाला पानी आगे ओबरा बांध में पहुंचता है। ओबरा बांध के फाटक खुलने और बाणसागर परियोजना का पानी सोन नदी में आने से नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। नदी के खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण रिहंद बांध से पानी की निकासी को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। आवक बढ़ी तो फिर खोले जा सकते हैं फाटक अधिकारियों के मुताबिक बांध में पानी की आवक और जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। यदि पानी की आवक में और बढ़ोतरी होती है और जलस्तर लगातार बढ़ता है तो शुक्रवार को दोबारा फाटक खोले जा सकते हैं। फिलहाल तीन फाटकों से नियंत्रित तरीके से पानी की निकासी जारी है।

