कानपुर देहात के रसूलाबाद क्षेत्र के जोत गांव में बारिश के बाद जलभराव ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गांव का तालाब लबालब होने के बाद पानी सड़कों और गलियों में फैल गया है। जलनिकासी का रास्ता बंद होने से संपर्क मार्ग भी पानी में डूब गए हैं। ग्रामीणों को घरों से निकलने और रोजमर्रा के काम के लिए गंदे पानी के बीच से गुजरना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के नाले लंबे समय से गंदगी और सिल्ट से पटे हैं। समय रहते सफाई नहीं होने से बारिश और तालाब का पानी बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला। नतीजा यह है कि पानी अब सड़कों पर जमा है। जलभराव बढ़ने से आसपास के घरों में भी पानी घुसने का खतरा बना हुआ है। बच्चे-बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान, जहरीले कीड़ों से दहशत सड़कों पर जमा पानी में कीचड़ और गंदगी के साथ बदबू भी फैल रही है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। ग्रामीणों के मुताबिक, पानी के बीच सांप और जहरीले कीड़े-मकोड़े भी दिखाई दे रहे हैं। इससे लोगों में डर का माहौल है। जलभराव लंबे समय तक बना रहा तो मच्छरजनित और संक्रमण से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि हालात ऐसे हैं कि गांव की सड़क के बजाय जंगल के रास्ते से गुजरने जैसा महसूस हो रहा है, लेकिन इसी रास्ते से उन्हें रोजमर्रा के काम के लिए निकलना पड़ रहा है। हर साल सफाई के दावे, पहली तेज बारिश में खुली व्यवस्था की पोल ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बरसात से पहले नालों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के दावे किए जाते हैं। सवाल है कि यदि नालों की सफाई और पानी निकासी की व्यवस्था ठीक थी तो पहली तेज बारिश में ही तालाब का पानी सड़कों पर क्यों फैल गया? ग्रामीणों ने प्रशासन और ग्राम पंचायत से तत्काल नालों की सफाई कराने, तालाब के पानी की निकासी कराने और जलभराव वाले स्थानों से पानी हटाने की मांग की है। BDO ने ग्राम सचिव को दिए सफाई के निर्देश खंड विकास अधिकारी विपुल विक्रम सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी ग्राम सचिव को दे दी गई है। ग्राम सचिव को जल्द नालों की सफाई कराने और जलभराव वाले स्थानों से पानी की निकासी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि समस्या का शीघ्र समाधान कराया जाएगा।

