महोबा में जैतपुर-कुढई मार्ग पर दूनर नदी के रपटे से गुजर रहे दो युवक बाइक समेत तेज बहाव में बह गए। गहरे पानी में फंसे दोनों युवकों ने सूझबूझ दिखाते हुए तैरकर किसी तरह अपनी जान बचाई। वहीं मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने रस्से की मदद से बाइक को भी बहने से रोक लिया। घटना के बाद ग्रामीणों में प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के प्रति नाराजगी देखने को मिली। 4 से 5 फीट पानी के बहाव में फंसी बाइक बताया गया कि जैतपुर से कुढई और महोबकंठ को जोड़ने वाले मार्ग पर दूनर नदी के रपटे से सरमन अनुरागी और संजय अनुरागी गुजर रहे थे। इसी दौरान करीब 4 से 5 फीट गहरे पानी के तेज बहाव ने उनकी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। बाइक के साथ दोनों युवक भी पानी में बहने लगे। स्थिति को भांपते हुए दोनों ने तत्काल ग्रामीणों से मदद मांगी और तैरकर सुरक्षित किनारे पहुंच गए। इस बीच ग्रामीणों ने भी हिम्मत दिखाई और मोटे रस्से के सहारे बाइक को पुल के लोहे के एंगल से बांध दिया, जिससे बाइक पानी के तेज बहाव में आगे नहीं बह सकी। 25 से 30 गांवों की लाइफलाइन है रपटा स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह लो-ब्रिज रपटा जैतपुर, कुढई, थुरट और छितरवारा समेत करीब 25 से 30 गांवों को जोड़ता है और ग्रामीणों के आवागमन का प्रमुख रास्ता है। बारिश के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने पर इस मार्ग से निकलना बेहद जोखिम भरा हो जाता है। घटना के बाद रपटे पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों को फोन कर स्थिति की जानकारी देने और सुरक्षा इंतजाम कराने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि कई अधिकारियों ने फोन तक रिसीव नहीं किया। बड़े हादसे से पहले पुल बनाने की मांग अधिकारियों के कथित रवैये को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है। सुशांत सिंह, जितेंद्र चौबे और वीरेंद्र अरजरिया समेत कई ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने मांग की कि किसी बड़े हादसे का इंतजार किए बिना इस खतरनाक रपटे की जगह जल्द से जल्द ऊंचे और पक्के पुल का निर्माण कराया जाए। उनका कहना है कि पुल बनने तक रपटे के दोनों ओर बैरिकेडिंग कराई जाए और सुरक्षा बलों की तैनाती की जाए, ताकि तेज बहाव के दौरान लोगों को जोखिम उठाकर नदी पार करने से रोका जा सके।

