मोतिहारी के लिए गुरुवार का दिन औद्योगिक और कृषि विकास के लिहाज से खास रहा। बिहार सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहल पर मदर डेयरी ने जिले में 350 करोड़ रुपये का निवेश करने का ऐलान किया है। इस निवेश से कोटवा स्थित मदर डेयरी इकाई का विस्तार किया जाएगा, जहां डेयरी से जुड़े कई तरह के उत्पाद बनेंगे। इससे न केवल उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि जिले में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। यह घोषणा मोतिहारी में आयोजित कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य मेले के दौरान राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के एमडी मिनेश शाह ने की। उन्होंने कहा कि पूर्वी चंपारण में डेयरी क्षेत्र के विकास की काफी संभावनाएं हैं। जिले की डेयरी अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई तेजी 350 करोड़ रुपये के निवेश से किसानों और पशुपालकों को अपनी उपज का बेहतर बाजार मिलेगा, जिससे उनकी आय बढ़ेगी और वे आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर होंगे। मिनेश शाह ने कहा कि इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी तादाद में स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। साथ ही दूध इकट्ठा करने, प्रोसेस करने और डेयरी उत्पादों के निर्माण की आधुनिक व्यवस्था विकसित होने से जिले की डेयरी अर्थव्यवस्था को नई तेजी मिलेगी। इस अवसर पर सांसद राधा मोहन सिंह ने कहा कि बिहार सरकार की अच्छी पहल के कारण मदर डेयरी ने पूर्वी चंपारण में 350 करोड़ रुपये का निवेश करने का फैसला लिया है। दूध उत्पादन बढ़ाने पर काम होगा उन्होंने कहा कि अब मदर डेयरी के अन्य उत्पादों का निर्माण भी पूर्वी चंपारण में होगा, जिससे जिले की औद्योगिक पहचान और मजबूत बनेगी। उन्होंने बताया कि डेयरी उद्योग के विस्तार के साथ-साथ पशुओं की नस्ल सुधारने, उन्नत नस्लों के विकास और दूध उत्पादन बढ़ाने पर भी बड़े पैमाने पर काम होगा। इससे किसानों और पशुपालकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी तथा जिले में कृषि आधारित उद्योगों को नई ताकत मिलेगी। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह निवेश पूर्वी चंपारण के औद्योगिक विकास, डेयरी क्षेत्र के विस्तार और रोजगार पैदा करने के लिए मील का पत्थर बनेगा। इससे जिले की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। मोतिहारी के लिए गुरुवार का दिन औद्योगिक और कृषि विकास के लिहाज से खास रहा। बिहार सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहल पर मदर डेयरी ने जिले में 350 करोड़ रुपये का निवेश करने का ऐलान किया है। इस निवेश से कोटवा स्थित मदर डेयरी इकाई का विस्तार किया जाएगा, जहां डेयरी से जुड़े कई तरह के उत्पाद बनेंगे। इससे न केवल उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि जिले में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। यह घोषणा मोतिहारी में आयोजित कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य मेले के दौरान राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के एमडी मिनेश शाह ने की। उन्होंने कहा कि पूर्वी चंपारण में डेयरी क्षेत्र के विकास की काफी संभावनाएं हैं। जिले की डेयरी अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई तेजी 350 करोड़ रुपये के निवेश से किसानों और पशुपालकों को अपनी उपज का बेहतर बाजार मिलेगा, जिससे उनकी आय बढ़ेगी और वे आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर होंगे। मिनेश शाह ने कहा कि इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी तादाद में स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। साथ ही दूध इकट्ठा करने, प्रोसेस करने और डेयरी उत्पादों के निर्माण की आधुनिक व्यवस्था विकसित होने से जिले की डेयरी अर्थव्यवस्था को नई तेजी मिलेगी। इस अवसर पर सांसद राधा मोहन सिंह ने कहा कि बिहार सरकार की अच्छी पहल के कारण मदर डेयरी ने पूर्वी चंपारण में 350 करोड़ रुपये का निवेश करने का फैसला लिया है। दूध उत्पादन बढ़ाने पर काम होगा उन्होंने कहा कि अब मदर डेयरी के अन्य उत्पादों का निर्माण भी पूर्वी चंपारण में होगा, जिससे जिले की औद्योगिक पहचान और मजबूत बनेगी। उन्होंने बताया कि डेयरी उद्योग के विस्तार के साथ-साथ पशुओं की नस्ल सुधारने, उन्नत नस्लों के विकास और दूध उत्पादन बढ़ाने पर भी बड़े पैमाने पर काम होगा। इससे किसानों और पशुपालकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी तथा जिले में कृषि आधारित उद्योगों को नई ताकत मिलेगी। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह निवेश पूर्वी चंपारण के औद्योगिक विकास, डेयरी क्षेत्र के विस्तार और रोजगार पैदा करने के लिए मील का पत्थर बनेगा। इससे जिले की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

