North Carolina Investment: भारत ने अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में ग्लोबल इन्वेस्टमेंट पार्टनरशिप को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। भारत की ओर से निवेश, व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। इस दौरान दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने तथा वैश्विक निवेशकों के लिए नए अवसर तलाशने को लेकर चर्चा हुई।
बैठक के दौरान भारत की अर्थव्यवस्था, निवेश की संभावनाओं और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध कारोबारी अवसरों को प्रमुखता से सामने रखा गया। भारत ने वैश्विक कंपनियों और निवेशकों को देश में निवेश के लिए आकर्षित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही, तकनीक, मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर भी जोर दिया गया।
भारत-अमेरिका आर्थिक रिश्तों को मिलेगी नई गति
नॉर्थ कैरोलिना अमेरिका के महत्वपूर्ण औद्योगिक और रिसर्च केंद्रों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर, मैन्युफैक्चरिंग और रिसर्च से जुड़ी कंपनियां सक्रिय हैं। ऐसे में भारत के लिए इस क्षेत्र के निवेशकों और उद्योग जगत के साथ साझेदारी बढ़ाना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारत की ओर से ग्लोबल इन्वेस्टमेंट पार्टनरशिप को मजबूत करने की पहल ऐसे समय में हुई है, जब देश विदेशी निवेश बढ़ाने और ग्लोबल सप्लाई चेन में अपनी हिस्सेदारी मजबूत करने पर लगातार जोर दे रहा है।
निवेशकों के लिए भारत में बढ़ते अवसर
भारत सरकार की ओर से Ease of Doing Business, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इससे विदेशी कंपनियों के लिए भारत में निवेश के नए रास्ते खुले हैं।
नॉर्थ कैरोलिना में हुई पहल से भारत और अमेरिका के बीच व्यापार एवं निवेश संबंधों को और व्यापक बनाने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसी साझेदारियां दोनों देशों की कंपनियों के लिए नए बाजार, तकनीकी सहयोग और निवेश के अवसर पैदा कर सकती हैं।
यूरोपियन कमिश्नर फॉर इकोनॉमी एंड फाइनेंशियल अफेयर्स वाल्डिस डोम्ब्रोव्स्कीस के साथ बातचीत में, दोनों पक्षों ने भारत-EU आर्थिक और वित्तीय साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा की। उन्होंने मैक्रो-इकोनॉमिक डायलॉग और ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल के जरिए सहयोग की समीक्षा भी की।
बैठक में भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट और इन्वेस्टमेंट प्रोटेक्शन एग्रीमेंट के लिए बातचीत पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई।

