अरवल में छात्रों ने स्कूल में तालाबंदी की:विद्यालय में बुनियादी सुविधा न होने से बच्चे आक्रोशित, 2 कमरों में 1 -12वीं तक पढ़ाई

अरवल में छात्रों ने स्कूल में तालाबंदी की:विद्यालय में बुनियादी सुविधा न होने से बच्चे आक्रोशित, 2 कमरों में 1 -12वीं तक पढ़ाई

अरवल जिले में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली से नाराज स्कूली बच्चों ने बुधवार को टेन प्लस टू उच्च माध्यमिक विद्यालय में तालाबंदी कर दी। यह स्कूल जिला मुख्यालय से करीब दो किलोमीटर दूर वासिलपुर पंचायत के भूसड़ा गांव में है। छात्रों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक स्कूल का ताला नहीं खुलेगा। स्कूल को साल 2022 में प्लस-टू का दर्जा मिला था। चार साल बाद भी यहां की बुनियादी व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ है। हालात यह हैं कि पहली से 12वीं तक के करीब 400 बच्चों को सिर्फ दो कमरों में पढ़ाया जा रहा है। स्कूल में दो प्रधानाध्यापक समेत कुल 16 शिक्षक हैं, लेकिन पर्याप्त बिल्डिंग और दूसरे संसाधनों की कमी से बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। स्कूल खेतों के बीच बना है और वहां तक पहुंचने के लिए आज तक पक्की सड़क नहीं बनी है। छात्रों ने बताया कि बारिश में रास्ता कीचड़ से भर जाता है। ऐसे में बच्चों को जूते-चप्पल हाथ में लेकर कच्चे रास्ते से स्कूल पहुंचना पड़ता है। स्कूल में स्मार्ट क्लास, लैब और आईटी लैब जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं। इन्हीं सब दिक्कतों के कारण छात्रों ने स्कूल में तालाबंदी कर अपना विरोध जताया। स्कूल के प्रधानाध्यापक आशुतोष कुमार ने बताया कि नए स्कूल भवन के लिए गांव के पास करीब 65 डिसमिल जमीन देखी गई है। जमीन अधिग्रहण के लिए अंचल अधिकारी, एलआरडीसी और शिक्षा विभाग के दफ्तरों के चक्कर काटे जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि विभाग की तरफ से प्रक्रिया पूरी न होने के कारण अभी तक जमीन नहीं मिल पाई है। इसी वजह से नए स्कूल भवन का काम भी सालों से रुका हुआ है। प्रधानाध्यापक ने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता जताई और अधिकारियों से जल्द कार्रवाई करने की मांग की है। मौके पर अरवल प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी वीर अभिमन्यु पहुंचे और बच्चों से बात कर पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने शिक्षक द्वारा दिए गए पत्राचारों की जांच के बाद जल्द से जल्द सड़क और भवन उपलब्ध कराने की बात कही। अरवल जिले में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली से नाराज स्कूली बच्चों ने बुधवार को टेन प्लस टू उच्च माध्यमिक विद्यालय में तालाबंदी कर दी। यह स्कूल जिला मुख्यालय से करीब दो किलोमीटर दूर वासिलपुर पंचायत के भूसड़ा गांव में है। छात्रों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक स्कूल का ताला नहीं खुलेगा। स्कूल को साल 2022 में प्लस-टू का दर्जा मिला था। चार साल बाद भी यहां की बुनियादी व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ है। हालात यह हैं कि पहली से 12वीं तक के करीब 400 बच्चों को सिर्फ दो कमरों में पढ़ाया जा रहा है। स्कूल में दो प्रधानाध्यापक समेत कुल 16 शिक्षक हैं, लेकिन पर्याप्त बिल्डिंग और दूसरे संसाधनों की कमी से बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। स्कूल खेतों के बीच बना है और वहां तक पहुंचने के लिए आज तक पक्की सड़क नहीं बनी है। छात्रों ने बताया कि बारिश में रास्ता कीचड़ से भर जाता है। ऐसे में बच्चों को जूते-चप्पल हाथ में लेकर कच्चे रास्ते से स्कूल पहुंचना पड़ता है। स्कूल में स्मार्ट क्लास, लैब और आईटी लैब जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं। इन्हीं सब दिक्कतों के कारण छात्रों ने स्कूल में तालाबंदी कर अपना विरोध जताया। स्कूल के प्रधानाध्यापक आशुतोष कुमार ने बताया कि नए स्कूल भवन के लिए गांव के पास करीब 65 डिसमिल जमीन देखी गई है। जमीन अधिग्रहण के लिए अंचल अधिकारी, एलआरडीसी और शिक्षा विभाग के दफ्तरों के चक्कर काटे जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि विभाग की तरफ से प्रक्रिया पूरी न होने के कारण अभी तक जमीन नहीं मिल पाई है। इसी वजह से नए स्कूल भवन का काम भी सालों से रुका हुआ है। प्रधानाध्यापक ने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता जताई और अधिकारियों से जल्द कार्रवाई करने की मांग की है। मौके पर अरवल प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी वीर अभिमन्यु पहुंचे और बच्चों से बात कर पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने शिक्षक द्वारा दिए गए पत्राचारों की जांच के बाद जल्द से जल्द सड़क और भवन उपलब्ध कराने की बात कही।  

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