लखनऊ में मारवाड़ी, माहेश्वरी और अग्रवाल समाज ने मनाई तीज:पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए रखा निर्जला व्रत

लखनऊ में मारवाड़ी, माहेश्वरी और अग्रवाल समाज ने मनाई तीज:पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए रखा निर्जला व्रत

लखनऊ में मारवाड़ी, माहेश्वरी और अग्रवाल समाज की ओर से बड़ी तीज का पर्व श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया। महिलाओं ने पति की दीर्घायु, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए दिनभर निर्जला व्रत रखा। शाम को चंद्र दर्शन के बाद अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया गया। पर्व पर महिलाओं ने पारंपरिक परिधान पहनकर सोलह श्रृंगार किया और विधि-विधान से शिव-पार्वती की पूजा-अर्चना की। शाम को आसमान में चांद निकलते ही महिलाओं ने जल अर्पित कर पति की लंबी आयु का आशीर्वाद मांगा। इसके बाद सत्तू का भोग लगाकर और प्रसाद ग्रहण कर व्रत पूरा किया। पूजा के दौरान ऋतु माहेश्वरी, मुक्ता माहेश्वरी, वैशाली माहेश्वरी और लक्ष्मी माहेश्वरी समेत समाज की कई महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना की और तीज की कथा सुनी। सत्तू का भोग है इस पर्व की खास पहचान मारवाड़ी और माहेश्वरी समाज में इस दिन सत्तू का विशेष महत्व होता है, जिसके कारण इसे ‘सातुड़ी तीज’ कहा जाता है। महिलाओं ने चने, गेहूं और चावल के सत्तू से विभिन्न पारंपरिक पकवान तैयार कर भगवान को अर्पित किए। कथा सुनने के बाद सत्तू को बांटने और बड़ों का आशीर्वाद लेने का दौर देर रात तक चला। सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हैं ऐसे त्योहार माहेश्वरी समाज लखनऊ के संयोजक विनोद माहेश्वरी ने बताया कि बड़ी तीज केवल पूजा का पर्व नहीं है, बल्कि यह पारिवारिक परंपराओं, संस्कारों और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। ऐसे धार्मिक आयोजन समाज को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं और परिवारों में आपसी प्रेम, सद्भाव और एकजुटता को बढ़ावा देते हैं।

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