जींद की फास्ट ट्रैक स्पेशल पोस्को कोर्ट ने एक नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और रेप के मामले में आरोपी को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने आरोपी को 20 साल की जेल और 1 लाख 15 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि यह मामला 11 जून 2024 को जींद शहर थाने में दर्ज हुआ था। शिकायत करने वाले ने बताया था कि सोनीपत के लाठ गांव का रहने वाला गौरव उसकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। पुलिस ने बाद में नाबालिग लड़की को ढूंढ निकाला। लड़की के बयान के बाद आरोपी गौरव के खिलाफ रेप का मामला भी दर्ज किया गया। पुलिस ने सबूत जुटाए और चार्जशीट पेश की जांच के दौरान जींद शहर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जरूरी सबूत इकट्ठा किए और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। स्पेशल पीपी POCSO योगेंद्र राठी की पैरवी और पुलिस के सबूतों को देखते हुए, जींद की फास्ट ट्रैक स्पेशल पोस्को कोर्ट ने 2 सितंबर 2026 को गौरव को दोषी ठहराया। कोर्ट ने पोस्को एक्ट की धारा 6 के तहत 20 साल की जेल और 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया। भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 363 के तहत 3 साल की जेल और 5 हजार रुपए का जुर्माना और धारा 366 के तहत 7 साल की जेल और 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया। अगर दोषी जुर्माना नहीं भरता है, तो उसे और अतिरिक्त जेल काटनी होगी। जींद पुलिस ने माता-पिता से अपील की है कि वे बच्चों की सुरक्षा को लेकर सावधान रहें। किसी भी गलत गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

