हरदोई के किसानों के लिए एक राहत भरी खबर है। प्राकृतिक आपदाओं से फसलों के नुकसान की भरपाई और जोखिम को कम करने के उद्देश्य से संचालित ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ के तहत खरीफ फसलों के बीमा की अंतिम तारीख को आगे बढ़ा दिया गया है। पहले भारत सरकार और कृषि विभाग द्वारा फसलों का बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 तय की गई थी, जिसे अब बढ़ाकर 10 सितंबर 2026 कर दिया गया है। कृषि विभाग के उप कृषि निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने बुधवार दोपहर 12:15 बजे यह जानकारी दी। उप कृषि निदेशक ने बताया कि जनपद हरदोई में योजना को लेकर किसानों में काफी जागरूकता देखी जा रही है। अब तक जिले के 62,582 किसान अपनी फसलों का बीमा कराकर इस योजना से जुड़ चुके हैं। उन्होंने बताया कि योजना के तहत अलग-अलग खरीफ फसलों के लिए प्रति हेक्टेयर प्रीमियम दरें तय की गई हैं। इसमें धान के लिए ₹1,646, मूंगफली के लिए ₹1,440, तिल के लिए ₹1,076, मक्का के लिए ₹942, ज्वार के लिए ₹808, उर्द के लिए ₹768 और बाजरा के लिए ₹730 प्रति हेक्टेयर निर्धारित है। किसान इन दरों पर अपनी फसलों का बीमा कराकर प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले वित्तीय जोखिम को कम कर सकते हैं। कृषि विभाग ने गैर-ऋणी किसानों से अपील की है कि वे अपनी फसलों का बीमा कराने के लिए अपने नजदीकी जनसेवा केंद्र (CSC) पर जाकर जल्द से जल्द पंजीकरण करा लें। यदि किसी प्राकृतिक आपदा के कारण फसल को नुकसान पहुंचता है, तो किसानों को मुआवजा पाने के लिए 72 घंटे के भीतर भारत सरकार के टोल-फ्री नंबर 14447 पर अपनी शिकायत दर्ज कराना जरूरी होगा। इसके बाद विभाग सत्यापन करेगा और फसल के नुकसान के आधार पर किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने किसानों से 10 सितंबर की अंतिम तिथि से पहले बीमा प्रक्रिया पूरी करने को कहा है।

