मुजफ्फरनगर में ‘बीजेपी बहिष्कार’ के पोस्टर लगाए:टावर लगाने का कर रहे विरोध; लोगों ने कहा- चुनाव में करेंगे बहिष्कार

मुजफ्फरनगर में ‘बीजेपी बहिष्कार’ के पोस्टर लगाए:टावर लगाने का कर रहे विरोध; लोगों ने कहा- चुनाव में करेंगे बहिष्कार

मुजफ्फरनगर के दक्षिण कृष्णापुरी मोहल्ले में तीन मंजिला मकान पर मोबाइल टावर लगाए जाने का विवाद अब राजनीतिक रंग लेने लगा है। पिछले ढाई-तीन महीने से चल रहे विवाद को लेकर आक्रोशित मोहल्लेवासियों ने अपने मकानों पर ‘पलायन’ और ‘BJP बहिष्कार’ के पोस्टर लगा दिए हैं। मंगलवार रात करीब 10 बजे मीडिया से बातचीत में लोगों ने चेतावनी दी कि यदि टावर का निर्माण नहीं रोका गया तो आगामी चुनाव में वे भाजपा के पक्ष में मतदान नहीं करेंगे। मकान की मजबूती और रेडिएशन को लेकर जताई चिंता स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस तीन मंजिला मकान पर मोबाइल टावर लगाया जा रहा है, उसकी मजबूती को लेकर उन्हें गंभीर आशंका है। उनका दावा है कि तेज आंधी या तूफान के दौरान टावर आसपास के मकानों के लिए खतरा बन सकता है। मोहल्लेवासियों ने टावर से निकलने वाले रेडिएशन और उसकी रेंज को लेकर भी स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं जताई हैं। लोगों का कहना है कि घनी आबादी के बीच टावर लगाए जाने से भविष्य में परेशानी हो सकती है। नगरपालिका की जांच में मकान को बताया गया था अनफिट मोहल्लेवासियों के अनुसार, नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी और इंजीनियरों ने जांच के बाद मकान को मोबाइल टावर लगाने के लिए अनफिट बताया था। आरोप है कि इसके बावजूद टावर लगाने का काम जारी रखा गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने मामले के समाधान के लिए स्थानीय विधायक और प्रदेश सरकार में मंत्री कपिल देव अग्रवाल से भी शिकायत की थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसके बाद लोगों ने अपने मकानों पर विरोध के पोस्टर लगा दिए।
निर्माण नहीं रुका तो भाजपा के बहिष्कार की चेतावनी विरोध कर रहे लोगों ने कहा कि यदि टावर का निर्माण नहीं रोका गया तो वे आगामी चुनाव में भाजपा का बहिष्कार करेंगे। कुछ मकानों पर ‘पलायन’ से संबंधित पोस्टर भी लगाए गए हैं। लोगों ने प्रशासन से मामले की दोबारा जांच कराकर टावर का निर्माण रुकवाने की मांग की है।
मकान मालिक ने आरोपों को बताया गलत वहीं, मकान मालिक शिवकुमार त्यागी ने स्थानीय लोगों के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि मोबाइल कंपनी की ओर से लगाया जा रहा टावर सरकारी मानकों और निर्धारित प्रक्रिया के तहत लगाया जा रहा है। शिवकुमार त्यागी के मुताबिक, सरकारी मंजूरी और कंपनी के इंजीनियरों की जांच के बाद ही टावर लगाने की अनुमति मिली है। उनका दावा है कि उनके पास टावर से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं।

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