प्रयागराज-कौशांबी बॉर्डर पर अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में 13 लोगों की जान चली गई। इनमें एक ही परिवार के 4 बच्चों की भी मौत हुई है। इनमें तीन बेटे एक बेटी है। मंगलवार को बारिश के बीच जब चारों के शव गांव पहुंचे तो पिता गया प्रसाद साहू बदहवाश हो गए। रुंधे गले के साथ कहने लगे कि मेरा सबकुछ चला गया, अब जीकर ही क्या करूंगा। प्रशासन मुआवजा पर्याप्त नहीं दे रहा है। मैं बच्चों को अंतिम संस्कार नहीं करूंगा। इसके बाद सड़क जाम कर हंगामा करने लगे। हंगामा बढ़ता देख CO सिराथू सत्येंद्र तिवारी मौके पर पहुंचे तो पिता की हालत देख खुद भी भावुक हो गए। गया प्रसाद को गले लगाकर खुद भी रोने लगे। कहने लगे कि मैं तुम्हारे साथ हूं। अभी मेरी बात मान लीजिए। बच्चों को अंतिम संस्कार करिए। सीओ के समझाने के बाद देर शाम दुख और गुस्से के बीच चारों शवों का अंतिम संस्कार किया गया। ब्लास्ट के बाद मकान ढहने से गया प्रसाद के बेटे आदित्य (10), रवि (7), अमित (2) और बेटी जान्हवी (15) की चली गई। गया प्रसाद की मांग है कि उन्हें मनौरी कस्बे में, जहां उनका मकान ब्लास्ट में गिर गया है, वहीं पर खेती की जमीन दी जाए। मुआवजे की रकम बढ़ाई जाए। दो तस्वीरें देखिए अब समझिए पूरा मामला सोमवार दोपहर 11.30 बजे फैक्ट्री में भीषण विस्फोट हुआ था। इसमें आसपास के 3 मकान जमींदोज हो गए। 5 मकान टूट गए थे। हादसे के बाद रात साढ़े 7 बजे फैक्ट्री से 400 मीटर दूर बनाए नौशाद के पटाखा गोदाम को बुलडोजर से ढहा दिया गया। फैक्ट्री में विस्फोट किस वजह हुआ, यह अभी तक साफ नहीं है। हालांकि, एक महिला ने बताया था- बिजली का खंभा गिरने के बाद फैक्ट्री में रखे बारूद में तेज धमाका हुआ। फैक्ट्री प्रयागराज में मनौरी एयरफोर्स स्टेशन से करीब 2 किलोमीटर दूर चल रही थी। वहीं, मंगलवार दोपहर मेडिकल कॉलेज में एक घायल ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं, एक अन्य शव पोस्टमॉर्टम हाउस में रखा था। बुजुर्ग पिता ने उसकी पहचान अपने बेटे सुनील के रूप में की। सोमवार को सुनील का सिर्फ एक पैर मिला था, लेकिन शव नहीं मिला था। मंगलवार सुबह उसके पिता सरजू दास मलबे में बेटे की तलाश करते दिखे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें पोस्टमॉर्टम हाउस भेजा। यहां उन्होंने शव की शिनाख्त की। इधर, मलबे से जिंदा निकली बच्ची हादसे के सदमे में है। आज डिस्चार्ज होकर घर पहुंची तो भास्कर रिपोर्टर ने उससे बात करने की कोशिश की, लेकिन बच्ची इतनी दहशत में थी कि कोई जवाब नहीं दे पाई। 11 घंटे तक बुलडोजर चलाकर गिराया आरोपी का मकान मंगलवार शाम को मुख्य आरोपी पटाखा फैक्ट्री के मालिक आदिल के बेटे नौशाद का घर 11 घंटे बुलडोजर चलाकर तोड़ दिया गया। 72 वर्गगज के इस घर में बेसमेंट के साथ 3 फ्लोर बने थे। घर का प्रयागराज विकास प्राधिकरण से नक्शा पास नहीं कराया गया था। ये कार्रवाई शाम से बजे से लेकर सुबह 5 बजे तक चली है। ग्राफिक्स से समझिए कहां हुआ था विस्फोट…
के पिपरी थाना क्षेत्र के मीरपुर गांव में पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट हुआ। इसमें गया प्रसाद साहू के चार बच्चों की मौत हो गई। उनकी पत्नी अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है। मंगलवार शाम जब चारों बच्चों के शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचे, तो पूरे गांव में मातम छा गया। परिजनों ने सही मुआवजा नहीं मिलने पर शवों का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों की मांग थी कि उन्हें मनौरी कस्बे में, जहां उनका मकान ब्लास्ट में गिर गया है, वहीं पर खेती की जमीन दी जाए। साथ ही, मुआवजा राशि भी तुरंत दी जाए। परिजनों का हंगामा देखकर अधिकारी परेशान हो गए। इस गमगीन माहौल में पुलिस की संवेदनशीलता भी देखने को मिली। ब्लास्ट में चार मासूमों की मौत से पीड़ित परिवार से मिलते वक्त CO सिराथू सत्येंद्र तिवारी भी भावुक हो गए। परिजनों का दर्द सुनकर उनकी आंखें भर आईं। CO सत्येंद्र तिवारी खुद को रोक नहीं पाए और पीड़ित गया प्रसाद को गले लगाकर दुख की इस घड़ी में सांत्वना दी। पुलिस अधिकारी द्वारा इस तरह गले लगाकर सांत्वना देने का यह मंजर देखकर वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं। हालांकि, सीओ के समझाने के बाद देर शाम दुख और गुस्से के बीच चारों शवों का अंतिम संस्कार किया गया।

