देवरिया में जन्माष्टमी पर 1500 पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा:200 महिला पुलिसकर्मी भी तैनात; लार में ड्रोन से निगरानी; सोशल मीडिया पर भी नजर

देवरिया में जन्माष्टमी पर 1500 पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा:200 महिला पुलिसकर्मी भी तैनात; लार में ड्रोन से निगरानी; सोशल मीडिया पर भी नजर

देवरिया। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर देवरिया जिले में पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था तेज कर दी है। 4 सितंबर को जिले के मुख्यालय, नगर पंचायत, तहसील और ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 3000 प्रतिमाएं और झांकियां सजने की उम्मीद है। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए जिलेभर में 1500 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। पुलिस के साथ होमगार्ड भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाए जाएंगे। मुख्यालय पर 400 पुलिसकर्मी संभालेंगे मोर्चा देवरिया जिला मुख्यालय पर नगर पालिका परिषद और पुलिस लाइन में होने वाले कृष्ण जन्मोत्सव में करीब एक लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। भीड़ को देखते हुए यहां करीब 400 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। इनमें लगभग 200 महिला पुलिसकर्मी शामिल होंगी। महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी विशेष रूप से भीड़ वाले कार्यक्रम स्थलों पर लगाई जाएगी। पुलिसकर्मी महिलाओं की सुरक्षा के साथ मनचलों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगे। प्रमुख पंडालों और कार्यक्रम स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी की जाएगी।
लार में ड्रोन से जुलूस पर नजर लार का ऐतिहासिक डोल मेला पुलिस-प्रशासन के लिए प्रमुख चुनौती रहेगा। कस्बे को संवेदनशील मानते हुए यहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। जुलूस और भीड़ की गतिविधियों पर ड्रोन कैमरों से नजर रखी जाएगी। प्रमुख चौराहों, जुलूस मार्गों और भीड़ वाले स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती रहेगी। लार में डोल मेले की परंपरा वर्ष 1918 से चली आ रही है। बताया जाता है कि लार चौक निवासी राधा रमण सिंह के घर से पहली बार श्रीकृष्ण का डोल रखा गया था। वर्तमान में लार कस्बे और ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 72 डोल रखे जाते हैं। हालांकि, इनमें से अधिकांश के जुलूस नहीं निकलते। लार नगर में 18 डोल जुलूस में शामिल होते हैं। डोल का जुलूस गांधी मार्केट, यूसुफ रोड, जमीला अस्पताल और कोइरी टोला होते हुए चौक पहुंचेगा। यहां सभी डोल की आरती के बाद देर शाम मेला संपन्न होगा। मुख्यालय पर बदलेगी यातायात व्यवस्था देवरिया शहर में भीड़ को देखते हुए कई मार्गों पर यातायात प्रतिबंध और रूट डायवर्जन लागू किया जाएगा। कोऑपरेटिव चौराहे से नगर पालिका रोड और स्टेडियम से पुलिस लाइन जाने वाले मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। नगर पालिका रोड पर भी वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की जाएगी। श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए स्टेडियम के पास और सुभाष चौक के समीप पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। पुलिस और यातायात कर्मी प्रमुख चौराहों पर तैनात रहकर वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करेंगे। झांकियों में प्रवेश और निकास के लिए अलग गेट नगर पालिका परिषद में कृष्ण झांकी के लिए दो गेट बनाए गए हैं। इनमें एक गेट प्रवेश और दूसरा निकास के लिए निर्धारित किया गया है। इससे श्रद्धालुओं की भीड़ एक ही रास्ते पर जमा नहीं होगी। अन्य मंदिरों और आयोजन स्थलों पर भी भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए प्रवेश व्यवस्था नियंत्रित की जाएगी। सोशल मीडिया पर भी पुलिस की निगरानी पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी लगातार नजर रखेगी। अफवाह, भ्रामक या गलत सूचना और आपत्तिजनक पोस्ट प्रसारित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी खबर की पुष्टि किए बिना उसे सोशल मीडिया पर साझा न करें।
श्रद्धालुओं की मदद के लिए TRAS ऐप तरकुलवा के तीन युवकों शिवम गुप्ता, आयुष जायसवाल और सुधीर मद्धेशिया ने कैट्स लैब की सहायता से ‘तरकुलवा रैपिड एक्शन सिस्टम’ (TRAS) ऐप तैयार किया है। मेले में जगह-जगह क्यूआर कोड वाले पोस्टर लगाए जाएंगे। श्रद्धालु क्यूआर कोड स्कैन कर महिला सुरक्षा, लापता बच्चे या व्यक्ति, चिकित्सा सहायता, लड़ाई-विवाद, आग का खतरा, भीड़ की समस्या, चोरी और खोया-पाया जैसी सूचनाएं पुलिस तक पहुंचा सकेंगे। चार कस्बों में बड़े वाहनों का डायवर्जन श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर देवरिया जिले के सलेमपुर, लार, गौरी बाजार और तरकुलवा कस्बों में रूट डायवर्जन किया जाएगा। तरकुलवा में 4 से 7 सितंबर तक बड़े वाहनों के प्रवेश पर डायवर्जन व्यवस्था लागू रहेगी। कसया-देवरिया मार्ग पर बंजरिया मोड़ से बड़े वाहनों को डायवर्ट कर जमुनी के पास से निकाला जाएगा। इसका उद्देश्य कस्बे में भीड़ और जाम की स्थिति से बचाव करना है। मेडिकल और फायर सर्विस रहेगी तैयार आपात स्थिति से निपटने के लिए महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में एंबुलेंस की व्यवस्था रहेगी। जिले के सीएचसी और पीएचसी पर भी मेडिकल स्टाफ और एंबुलेंस को तैयार रखा जाएगा। अग्निशमन विभाग की टीमें और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी जरूरत के अनुसार तैनात रहेंगी।
उपद्रवी तत्वों पर रहेगी नजर पुलिस अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थलों और पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए हैं। उपद्रवी तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आयोजक मंडल के कार्यकर्ताओं को पहचान पत्र रखने के लिए भी कहा गया है, ताकि भीड़ में अधिकृत कार्यकर्ताओं की आसानी से पहचान हो सके। अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी आनंद पांडे ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और होमगार्ड तैनात किए जाएंगे। त्योहार में खलल डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जन्माष्टमी से पहले एसपी ने किया फ्लैग मार्च जन्माष्टमी को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने पुलिस बल के साथ तरकुलवा कस्बे में फ्लैग मार्च किया। इस दौरान प्रमुख मार्गों, बाजारों, मंदिरों और संभावित भीड़ वाले स्थानों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। एसपी ने पुलिसकर्मियों को त्योहार के दौरान पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिए। उन्होंने संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखने और भीड़ वाले स्थानों पर लगातार निगरानी करने को कहा। साथ ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस ने लोगों से शांतिपूर्ण माहौल में जन्माष्टमी का पर्व मनाने और किसी भी अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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