अररिया जिले के विभिन्न प्रखंडों में मंगलवार को ‘विकसित भारत समृद्धि बिहार’ के तहत सहयोग शिविर आयोजित किए गए। बिहार सरकार की ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ पहल के अंतर्गत, आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को ये शिविर वार्ड और पंचायत स्तर पर सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाते हैं। इसी क्रम में मंगलवार को शहर के खलीलाबाद स्थित सामुदायिक भवन में भी एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे और अधिकारियों को आवेदन सौंपे। जल मीनार से थी लोगों को उम्मीद लोगों ने मुख्य रूप से जमीनी विवाद, राशन कार्ड, नल-जल योजना, नाला सफाई और बिजली आपूर्ति से संबंधित शिकायतें दर्ज कराईं। शिविर में सबसे अधिक चर्चा नल-जल योजना से जुड़ी शिकायतों को लेकर हुई। स्थानीय निवासियों ने लाखों रुपये की लागत से बनी जल मीनार से पेयजल आपूर्ति बाधित होने की शिकायत की। उनका आरोप था कि करोड़ों रुपये खर्च कर जल मीनारें तो बना दी गईं, लेकिन उनका अपेक्षित लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है। लोगों ने बताया कि जल मीनार के निर्माण के बाद उन्हें उम्मीद थी कि घरों तक नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल पहुंचेगा, लेकिन स्थिति इसके विपरीत है। जलापूर्ति व्यवस्था को जल्द दुरुस्त करने की मांग कई स्थानों पर पानी की आपूर्ति न होने के कारण लोगों को पेयजल के लिए वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। फरियादियों ने संबंधित अधिकारियों के समक्ष इस समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए जलापूर्ति व्यवस्था को जल्द दुरुस्त करने की मांग की। शिविर में पहुंचे लोगों ने सरकार की इस पहल को जन समस्याओं के समाधान के लिए एक बेहतर कदम बताया और मांग की कि प्राप्त आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई हो ताकि लोगों को धरातल पर राहत मिल सके, खासकर नल-जल योजना जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों का स्थायी समाधान हो। अररिया जिले के विभिन्न प्रखंडों में मंगलवार को ‘विकसित भारत समृद्धि बिहार’ के तहत सहयोग शिविर आयोजित किए गए। बिहार सरकार की ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ पहल के अंतर्गत, आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को ये शिविर वार्ड और पंचायत स्तर पर सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाते हैं। इसी क्रम में मंगलवार को शहर के खलीलाबाद स्थित सामुदायिक भवन में भी एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे और अधिकारियों को आवेदन सौंपे। जल मीनार से थी लोगों को उम्मीद लोगों ने मुख्य रूप से जमीनी विवाद, राशन कार्ड, नल-जल योजना, नाला सफाई और बिजली आपूर्ति से संबंधित शिकायतें दर्ज कराईं। शिविर में सबसे अधिक चर्चा नल-जल योजना से जुड़ी शिकायतों को लेकर हुई। स्थानीय निवासियों ने लाखों रुपये की लागत से बनी जल मीनार से पेयजल आपूर्ति बाधित होने की शिकायत की। उनका आरोप था कि करोड़ों रुपये खर्च कर जल मीनारें तो बना दी गईं, लेकिन उनका अपेक्षित लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है। लोगों ने बताया कि जल मीनार के निर्माण के बाद उन्हें उम्मीद थी कि घरों तक नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल पहुंचेगा, लेकिन स्थिति इसके विपरीत है। जलापूर्ति व्यवस्था को जल्द दुरुस्त करने की मांग कई स्थानों पर पानी की आपूर्ति न होने के कारण लोगों को पेयजल के लिए वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। फरियादियों ने संबंधित अधिकारियों के समक्ष इस समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए जलापूर्ति व्यवस्था को जल्द दुरुस्त करने की मांग की। शिविर में पहुंचे लोगों ने सरकार की इस पहल को जन समस्याओं के समाधान के लिए एक बेहतर कदम बताया और मांग की कि प्राप्त आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई हो ताकि लोगों को धरातल पर राहत मिल सके, खासकर नल-जल योजना जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों का स्थायी समाधान हो।

