अलीगढ़ में देशभर के किन्नर गुरुओं का जमावड़ा:8 सितंबर तक चलेगा अखिल भारतीय सम्मेलन, पहले दो दिन दिवंगत गुरुओं की याद में शोक सभा

अलीगढ़ में देशभर के किन्नर गुरुओं का जमावड़ा:8 सितंबर तक चलेगा अखिल भारतीय सम्मेलन, पहले दो दिन दिवंगत गुरुओं की याद में शोक सभा

अलीगढ़ में मंगलवार से देशभर के किन्नर समाज का बड़ा जमावड़ा शुरू हो गया। रामघाट रोड स्थित तालानगरी के गेस्ट हाउस में अखिल भारतीय सम्मेलन के लिए उत्तर प्रदेश समेत दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान से किन्नर और किन्नर गुरु पहुंच रहे हैं। 8 सितंबर तक चलने वाले इस सम्मेलन की शुरुआत उत्सव से नहीं, बल्कि अपने दिवंगत गुरुओं और समाज के दिवंगत सदस्यों को याद करने से हुई है।
पहले दो दिन शोक सभा रखी गई है। इस दौरान समाज के लोग अपने स्वर्गीय गुरुओं को नमन कर रहे हैं और उनकी स्मृतियों को याद कर रहे हैं। आयोजकों ने इन दो दिनों में किसी बाहरी गतिविधि को शामिल नहीं किया है। बृहस्पतिवार से सम्मेलन का मुख्य आयोजन शुरू होगा। आयोजन से जुड़े लोगों के अनुसार, सम्मेलन का मुख्य कार्यक्रम बृहस्पतिवार से शुरू होगा। इसके लिए अलग-अलग राज्यों से किन्नर और किन्नर गुरु अलीगढ़ पहुंच रहे हैं। सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है।
फिलहाल शुरुआती दो दिनों में बाहरी गतिविधियों को आयोजन का हिस्सा नहीं बनाया गया है। मुख्य कार्यक्रम शुरू होने के बाद सम्मेलन में समाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
अलीगढ़ की टीम संभाल रही पूरी व्यवस्था
सम्मेलन की मेजबानी और आयोजन की जिम्मेदारी अलीगढ़ जिले के किन्नर समाज की टीम संभाल रही है। बाहर से आने वाले किन्नरों और किन्नर गुरुओं के ठहरने से लेकर भोजन और अन्य व्यवस्थाओं तक के इंतजाम में स्थानीय टीम के सदस्य जुटे हुए हैं।
आयोजन स्थल पर आने वाले मेहमानों के स्वागत और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने का काम भी लगातार चल रहा है। सम्मेलन में अलग-अलग राज्यों से आने वाले प्रतिनिधियों के कारण तालानगरी स्थित आयोजन स्थल पर किन्नर समाज के लोगों की मौजूदगी बढ़ गई है।
आठ सितंबर तक रहेगा आयोजन
अखिल भारतीय सम्मेलन 8 सितंबर तक चलेगा। आयोजकों के मुताबिक, शुरुआती दो दिन दिवंगत सदस्यों और गुरुओं की स्मृति को समर्पित हैं, जबकि बृहस्पतिवार से सम्मेलन की गतिविधियां व्यापक रूप से शुरू होंगी। देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले किन्नर समाज के प्रतिनिधियों के बीच इस दौरान आपसी मेल-मिलाप और समाज से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श भी होगा।

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