औरैया। अजीतमल थाना क्षेत्र के एक 12 साल पुराने गैर इरादतन हत्या के मामले में न्यायालय ने चार दोषियों को सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कैलाश कुमार ने दोषी शिवकरन, उनकी पत्नी मीरा देवी और उनके पुत्रों सेटू उर्फ सीटू तथा रिंकू उर्फ रघुराज को यह सजा सुनाई। न्यायालय ने प्रत्येक दोषी पर 26-26 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। कोर्ट ने आदेश दिया कि अर्थदंड की आधी धनराशि मृतका के वारिसों और आश्रितों को दी जाएगी। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अरविंद राजपूत ने बताया कि ग्राम सैदपुर मड़ैया निवासी प्रेम नरायन ने 16 दिसंबर 2014 को अजीतमल थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। तहरीर के अनुसार, 11 दिसंबर 2014 की सुबह करीब 8:45 बजे वादी के घर में खाना बन रहा था। इसी दौरान वादी के चाचा शिवकरन अपनी लाइसेंसी बंदूक के साथ अपनी पत्नी मीरा देवी और पुत्रों सेटू उर्फ सीटू व रिंकू उर्फ रघुराज के साथ वहां पहुंचे। आरोपितों के पास कुल्हाड़ी, फावड़ा, डंडा, लाठी और फरसा जैसे हथियार भी थे। आरोप था कि चारों ने परिवार के लोगों पर हमला कर दिया, जिसमें प्रेम नरायन के पिता राम सिंह और मां मालती देवी गंभीर रूप से घायल हो गए। अन्य परिजनों को भी चोटें आईं। गंभीर हालत में राम सिंह और मालती देवी को पहले सैफई अस्पताल और बाद में आगरा ले जाया गया। उपचार के दौरान 12 दिसंबर 2014 को मालती देवी की मृत्यु हो गई। अभियोजन के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच खेती को लेकर पुराना विवाद चला आ रहा था। विवेचना के बाद पुलिस ने चारों आरोपितों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। बचाव पक्ष ने शिवकरन और मीरा देवी की अधिक उम्र तथा अन्य आरोपितों के छोटे बच्चों का हवाला देकर सजा में रियायत मांगी थी। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने चारों को दोषी मानते हुए सात-सात वर्ष के कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई।

