सामूहिक दुष्कर्म के चार दोषियों को 20-20 साल कैद:फिरोजाबाद कोर्ट का फैसला, जसराना और टूंडला के दो मामलों में सजा का ऐलान

सामूहिक दुष्कर्म के चार दोषियों को 20-20 साल कैद:फिरोजाबाद कोर्ट का फैसला, जसराना और टूंडला के दो मामलों में सजा का ऐलान

फिरोजाबाद में वर्ष 2019 में जसराना और टूंडला क्षेत्र में किशोरी व युवती से हुए सामूहिक दुष्कर्म के दो मामलों में अदालत ने चार दोषियों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने सभी दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जसराना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती 28 जनवरी 2019 की रात करीब 10 बजे शौच के लिए घर से निकली थी। इसी दौरान गांव में अपने फूफा के घर रह रहा एका क्षेत्र के मधीपुर निवासी राजदीप उसे बहाने से सरसों के खेत में ले गया। वहां नगला आवाजी निवासी लोकेंद्र उर्फ पूता, मोहित उर्फ बिल्ला और रंजेश पहले से मौजूद थे। चारों ने युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। आरोपितों ने उसके शरीर को बीड़ी और सिगरेट से कई जगह जला दिया था। अगली सुबह युवती खेत में बेहोशी की हालत में मिली। 31 जनवरी को अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। उपचार के बाद युवती के बयानों के आधार पर आरोपितों की पहचान हुई। पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम देवदत्त की अदालत ने सोमवार को मामले में दोषियों को सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी मनोज शर्मा ने पैरवी की। दूसरी घटना 13 अप्रैल 2019 की शाम की है। किशोरी आसफाबाद चौराहे पर वाहन का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान रसूलपुर टंकी के पास रहने वाला आबिद ऑटो लेकर पहुंचा। उसायनी छोड़ने की बात कहकर उसने किशोरी को ऑटो में बैठा लिया।उसायनी मंदिर के पास आबिद का परिचित एत्मादपुर, आगरा निवासी जुनैद उर्फ जुबैद और एक बाल अपचारी मिला। आरोपित किशोरी को अगवा कर टूंडला क्षेत्र स्थित अपने साथी बाल अपचारी के गोदाम पर ले गए, जहां चारों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।मामले में टूंडला थाने में नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने आबिद और जुनैद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि दोनों बाल अपचारियों को बाल सुधार गृह भेजा गया। अपर सत्र न्यायाधीश पाक्सो कोर्ट-3 निर्दोष कुमार की अदालत ने आबिद और जुनैद को दोषी पाते हुए सोमवार को 20-20 वर्ष के कारावास और एक-एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। पीड़ित पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक अजमोद कुमार चौहान ने पैरवी की। उन्होंने बताया कि मामले में पीड़िता की गवाही दोषियों को सजा दिलाने में अहम रही। दोनों बाल अपचारियों का मामला किशोर न्याय बोर्ड में विचाराधीन है।

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