दरभंगा- सीएस ने अवैध नर्सिंग होम को किया सील:स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल, कहा- खानापूर्ति की गई है, सिर्फ तीन कमरों में ताले लगाए हैं

दरभंगा- सीएस ने अवैध नर्सिंग होम को किया सील:स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल, कहा- खानापूर्ति की गई है, सिर्फ तीन कमरों में ताले लगाए हैं

दरभंगा के मनीगाछी प्रखंड क्षेत्र में सिविल सर्जन (सीएस) डॉ. अरुण कुमार ने बड़ी कार्रवाई की है। नेहरा पूर्वी पंचायत के नेहरा लुल्हवा चौक स्थित श्याम सहनी के मकान में बिना अनुज्ञप्ति संचालित मिथिला इमरजेंसी हॉस्पिटल को सील कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद संचालकों में हड़कंप मच गया। जानकारी के मुताबिक अस्पताल में लंबे समय से बिना वैध अनुज्ञप्ति और निर्धारित स्वास्थ्य मानकों के विपरीत मरीजों का इलाज किए जाने की शिकायतें मिल रही थी। पिछले साल इसी अस्पताल में इलाज के दौरान जगदीशपुर गांव निवासी भाजपा नेता बच्चा बाबू सहनी की मौत हो गई थी। जिसके बाद लोगों ने जमकर हंगामा भी किया था। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सोमवार को सीएस डॉ. अरुण कुमार के नेतृत्व में टीम अस्पताल पहुंची और जांच की। जांच के बाद कुछ कमरों में ताला लगाकर उसे सील कर दिया गया। सीएस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और संबंधित लोगों के खिलाफ कानून सम्मत उचित कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल स्थानीय उप मुखिया मनोज चौधरी सहित कई लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई को महज खानापूर्ति बताया। स्थानीय आरोप है कि अस्पताल के सभी कमरों को सील नहीं किया गया है। लैब रूम समेत कई कमरे खुले हुए हैं और केवल तीन कमरों में ही ताला लगाया गया है। लोगों का कहना है कि अगर अस्पताल अवैध रूप से संचालित था तो पूरे परिसर को सील किया जाना चाहिए था। ‘सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है’ स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि जिस मकान में नर्सिंग होम संचालित किया जा रहा था, उसी परिसर में व्यावसायिक विवाह भवन भी चलता है। लोगों के अनुसार विवाह भवन में भी सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, जिससे किसी भी समय हादसा होने की आशंका बनी रहती है। लोगों ने प्रशासन से पूरे परिसर की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पताल को सील कर दिया गया है। अब देखना होगा कि जांच के बाद अस्पताल संचालक के खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। दरभंगा के मनीगाछी प्रखंड क्षेत्र में सिविल सर्जन (सीएस) डॉ. अरुण कुमार ने बड़ी कार्रवाई की है। नेहरा पूर्वी पंचायत के नेहरा लुल्हवा चौक स्थित श्याम सहनी के मकान में बिना अनुज्ञप्ति संचालित मिथिला इमरजेंसी हॉस्पिटल को सील कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद संचालकों में हड़कंप मच गया। जानकारी के मुताबिक अस्पताल में लंबे समय से बिना वैध अनुज्ञप्ति और निर्धारित स्वास्थ्य मानकों के विपरीत मरीजों का इलाज किए जाने की शिकायतें मिल रही थी। पिछले साल इसी अस्पताल में इलाज के दौरान जगदीशपुर गांव निवासी भाजपा नेता बच्चा बाबू सहनी की मौत हो गई थी। जिसके बाद लोगों ने जमकर हंगामा भी किया था। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सोमवार को सीएस डॉ. अरुण कुमार के नेतृत्व में टीम अस्पताल पहुंची और जांच की। जांच के बाद कुछ कमरों में ताला लगाकर उसे सील कर दिया गया। सीएस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और संबंधित लोगों के खिलाफ कानून सम्मत उचित कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल स्थानीय उप मुखिया मनोज चौधरी सहित कई लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई को महज खानापूर्ति बताया। स्थानीय आरोप है कि अस्पताल के सभी कमरों को सील नहीं किया गया है। लैब रूम समेत कई कमरे खुले हुए हैं और केवल तीन कमरों में ही ताला लगाया गया है। लोगों का कहना है कि अगर अस्पताल अवैध रूप से संचालित था तो पूरे परिसर को सील किया जाना चाहिए था। ‘सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है’ स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि जिस मकान में नर्सिंग होम संचालित किया जा रहा था, उसी परिसर में व्यावसायिक विवाह भवन भी चलता है। लोगों के अनुसार विवाह भवन में भी सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, जिससे किसी भी समय हादसा होने की आशंका बनी रहती है। लोगों ने प्रशासन से पूरे परिसर की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पताल को सील कर दिया गया है। अब देखना होगा कि जांच के बाद अस्पताल संचालक के खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है।  

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