यह पुराना बिहार नहीं, अपने संसाधन खुद जुटा रहा है राज्य : नीतीश मिश्रा

यह पुराना बिहार नहीं, अपने संसाधन खुद जुटा रहा है राज्य : नीतीश मिश्रा

वर्तमान में बिहार सरकार द्वारा 1,700 से अधिक स्टार्टअप्स को स्वीकृति और वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है। राज्य का व्यापक स्टार्टअप इकोसिस्टम लगभग 5,000 स्टार्टअप्स तक पहुंच चुका है। सूबे के नगर विकास और आवास तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नीतीश मिश्रा ने आईआईएम बोधगया के 11 वर्षों की उत्कृष्ट यात्रा पूरी होने के अवसर पर सोमवार को आयोजित स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में ये बातें कहीं। उन्होंने यह भी कहा कि आईआईएम बोधगया बिहार में शैक्षणिक उत्कृष्टता का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है। बिहार की बदलती तस्वीर को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, “यह वह पुराना बिहार नहीं है, जिसकी चर्चा पुरानी सुर्खियों में होती थी। यह वह बिहार है जो अपने भविष्य का निर्माण कर रहा है। नए उद्यम स्थापित कर रहा है। अपने विकास के लिए स्वयं संसाधन जुटा रहा है। निदेशक प्रो. विनिता एस. सहाय ने बोधगया की विशिष्टता पर प्रकाश डाला। उन्होंने इसे गहन आध्यात्मिक महत्व की भूमि बताया। क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत, यहां के लोगों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए उन्होंने मानव पूंजी में निवेश की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की आबादी इसके सबसे अनमोल संसाधनों में से एक है। उनका संदेश एक व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाता है। इसमें प्रतिभा को सही अवसर और मार्गदर्शन देकर बड़े लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ाने की बात है। उन्होंने युवा विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं की ऊर्जा नवाचार और सकारात्मक बदलाव की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने विद्यार्थियों से पारंपरिक और धीमी गति से होने वाली प्रगति तक सीमित न रहने का आग्रह किया। उन्होंने बड़े सपने देखने का आह्वान किया। उन्होंने साहसिक कदम उठाने की बात कही। उन्होंने ‘लीपफ्रॉग’ की भावना के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने नए अवसरों का लाभ उठाने पर जोर दिया। उन्होंने क्षेत्र के विकास की नई दिशा तय करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में मौजूद रहे छात्र-छात्राएं संस्थान के प्रथम बैच के कार्यकारी पीएचडी प्रोग्राम का शुभारंभ किया गया तथा इंटीग्रेटेड प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (आईपीएम) के छठे बैच का ओरिएंटेशन कार्यक्रम के माध्यम से स्वागत किया गया। प्रो. अविरल कुमार तिवारी (अध्यक्ष, पीएचडी कार्यक्रम) ने कार्यकारी पीएचडी कार्यक्रम तथा प्रो. अर्चना पात्रो (अध्यक्ष, आईपीएम कार्यक्रम) ने आईपीएम कार्यक्रम का परिचय प्रस्तुत किया। इस कार्यक्रम के साथ विद्यार्थियों की संस्थान में शैक्षणिक यात्रा की औपचारिक शुरुआत हुई। इस वर्ष संस्थान ने कुल 207 विद्यार्थियों का स्वागत किया, जिनमें 70 छात्रा और 137 छात्र शामिल हैं। वहीं, कार्यकारी पीएचडी कार्यक्रम के प्रथम बैच में कुल 14 शोधार्थियों ने प्रवेश लिया, जिनमें 12 पुरुष व 2 महिला शोधार्थी शामिल हैं। वर्तमान में बिहार सरकार द्वारा 1,700 से अधिक स्टार्टअप्स को स्वीकृति और वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है। राज्य का व्यापक स्टार्टअप इकोसिस्टम लगभग 5,000 स्टार्टअप्स तक पहुंच चुका है। सूबे के नगर विकास और आवास तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नीतीश मिश्रा ने आईआईएम बोधगया के 11 वर्षों की उत्कृष्ट यात्रा पूरी होने के अवसर पर सोमवार को आयोजित स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में ये बातें कहीं। उन्होंने यह भी कहा कि आईआईएम बोधगया बिहार में शैक्षणिक उत्कृष्टता का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है। बिहार की बदलती तस्वीर को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, “यह वह पुराना बिहार नहीं है, जिसकी चर्चा पुरानी सुर्खियों में होती थी। यह वह बिहार है जो अपने भविष्य का निर्माण कर रहा है। नए उद्यम स्थापित कर रहा है। अपने विकास के लिए स्वयं संसाधन जुटा रहा है। निदेशक प्रो. विनिता एस. सहाय ने बोधगया की विशिष्टता पर प्रकाश डाला। उन्होंने इसे गहन आध्यात्मिक महत्व की भूमि बताया। क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत, यहां के लोगों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए उन्होंने मानव पूंजी में निवेश की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की आबादी इसके सबसे अनमोल संसाधनों में से एक है। उनका संदेश एक व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाता है। इसमें प्रतिभा को सही अवसर और मार्गदर्शन देकर बड़े लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ाने की बात है। उन्होंने युवा विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं की ऊर्जा नवाचार और सकारात्मक बदलाव की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने विद्यार्थियों से पारंपरिक और धीमी गति से होने वाली प्रगति तक सीमित न रहने का आग्रह किया। उन्होंने बड़े सपने देखने का आह्वान किया। उन्होंने साहसिक कदम उठाने की बात कही। उन्होंने ‘लीपफ्रॉग’ की भावना के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने नए अवसरों का लाभ उठाने पर जोर दिया। उन्होंने क्षेत्र के विकास की नई दिशा तय करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में मौजूद रहे छात्र-छात्राएं संस्थान के प्रथम बैच के कार्यकारी पीएचडी प्रोग्राम का शुभारंभ किया गया तथा इंटीग्रेटेड प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (आईपीएम) के छठे बैच का ओरिएंटेशन कार्यक्रम के माध्यम से स्वागत किया गया। प्रो. अविरल कुमार तिवारी (अध्यक्ष, पीएचडी कार्यक्रम) ने कार्यकारी पीएचडी कार्यक्रम तथा प्रो. अर्चना पात्रो (अध्यक्ष, आईपीएम कार्यक्रम) ने आईपीएम कार्यक्रम का परिचय प्रस्तुत किया। इस कार्यक्रम के साथ विद्यार्थियों की संस्थान में शैक्षणिक यात्रा की औपचारिक शुरुआत हुई। इस वर्ष संस्थान ने कुल 207 विद्यार्थियों का स्वागत किया, जिनमें 70 छात्रा और 137 छात्र शामिल हैं। वहीं, कार्यकारी पीएचडी कार्यक्रम के प्रथम बैच में कुल 14 शोधार्थियों ने प्रवेश लिया, जिनमें 12 पुरुष व 2 महिला शोधार्थी शामिल हैं।  

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