बक्सर में तेज बारिश के दौरान मिट्टी की दीवार गिरी:मलबे में दबकर 80 साल के बुजुर्ग की मौत, परिजनों ने पोस्टमार्टम से किया इनकार

बक्सर में तेज बारिश के दौरान मिट्टी की दीवार गिरी:मलबे में दबकर 80 साल के बुजुर्ग की मौत, परिजनों ने पोस्टमार्टम से किया इनकार

बक्सर जिले के कोरान सराय थाना क्षेत्र के मुंगाव गांव में सोमवार दोपहर तेज बारिश के दौरान एक मिट्टी की दीवार गिरने से 80 वर्षीय वृद्ध की मौत हो गई। मृतक की पहचान मुंगाव निवासी हरेन्द्र सिंह, पिता स्व. हरिदयाल सिंह के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, हरेन्द्र सिंह सोमवार दोपहर भोजन के बाद गांव स्थित अपनी मिट्टी की झोपड़ी में आराम कर रहे थे। इसी दौरान मौसम अचानक खराब हो गया और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के कारण कमजोर हुई दीवार, मलबे में दबे बारिश के कारण झोपड़ी की मिट्टी की दीवार अचानक कमजोर होकर ढह गई। दीवार गिरने से हरेन्द्र सिंह मलबे में दब गए। ग्रामीणों ने मलबा हटाकर बाहर निकाला, लेकिन नहीं बची जान दीवार गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग और परिजन मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से तुरंत मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद हरेन्द्र सिंह को मलबे से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से किया इनकार घटना की सूचना मिलने पर कोरान सराय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच की। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने का प्रस्ताव दिया, लेकिन परिजनों ने इससे इनकार कर दिया। मृतक के भाई ने पुलिस को बताया कि उनके भाई की उम्र लगभग 80 वर्ष थी और उनकी मृत्यु एक दुर्घटना में हुई है। इसलिए वे पोस्टमार्टम के लिए शरीर पर चीरा नहीं लगवाना चाहते। परिजनों के इनकार के बाद पुलिस ने उनसे लिखित सहमति ली और शव अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया। लगातार बारिश से पुरानी मिट्टी की दीवारों पर खतरा ग्रामीणों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण मिट्टी की पुरानी दीवारों के गिरने का खतरा बढ़ गया है। ऐसी स्थिति में जर्जर मिट्टी के मकानों और झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। बक्सर जिले के कोरान सराय थाना क्षेत्र के मुंगाव गांव में सोमवार दोपहर तेज बारिश के दौरान एक मिट्टी की दीवार गिरने से 80 वर्षीय वृद्ध की मौत हो गई। मृतक की पहचान मुंगाव निवासी हरेन्द्र सिंह, पिता स्व. हरिदयाल सिंह के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, हरेन्द्र सिंह सोमवार दोपहर भोजन के बाद गांव स्थित अपनी मिट्टी की झोपड़ी में आराम कर रहे थे। इसी दौरान मौसम अचानक खराब हो गया और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के कारण कमजोर हुई दीवार, मलबे में दबे बारिश के कारण झोपड़ी की मिट्टी की दीवार अचानक कमजोर होकर ढह गई। दीवार गिरने से हरेन्द्र सिंह मलबे में दब गए। ग्रामीणों ने मलबा हटाकर बाहर निकाला, लेकिन नहीं बची जान दीवार गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग और परिजन मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से तुरंत मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद हरेन्द्र सिंह को मलबे से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से किया इनकार घटना की सूचना मिलने पर कोरान सराय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच की। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने का प्रस्ताव दिया, लेकिन परिजनों ने इससे इनकार कर दिया। मृतक के भाई ने पुलिस को बताया कि उनके भाई की उम्र लगभग 80 वर्ष थी और उनकी मृत्यु एक दुर्घटना में हुई है। इसलिए वे पोस्टमार्टम के लिए शरीर पर चीरा नहीं लगवाना चाहते। परिजनों के इनकार के बाद पुलिस ने उनसे लिखित सहमति ली और शव अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया। लगातार बारिश से पुरानी मिट्टी की दीवारों पर खतरा ग्रामीणों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण मिट्टी की पुरानी दीवारों के गिरने का खतरा बढ़ गया है। ऐसी स्थिति में जर्जर मिट्टी के मकानों और झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।  

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