बेतिया में बिजली मिस्त्री की करंट से मौत:पोल पर खराबी ठीक करते समय हुआ हादसा; गर्भवती पत्नी और 2 बच्चों को छोड़ गए

बेतिया में बिजली मिस्त्री की करंट से मौत:पोल पर खराबी ठीक करते समय हुआ हादसा; गर्भवती पत्नी और 2 बच्चों को छोड़ गए

पश्चिम चंपारण जिले के बैरिया थाना क्षेत्र के फुलझरिया गांव में करीब 32 वर्षीय बिजली मिस्त्री रवि रंजन कुमार की करंट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। बिजली खराब होने की सूचना पर पहुंचे थे रवि रंजन घटना सुबह करीब 10 बजे की बताई जा रही है। बैरिया थाना क्षेत्र की तिलंगही मियांपुर पंचायत में बिजली खराब होने की सूचना विभाग को मिली थी। सरकारी बिजली मिस्त्री रवि रंजन कुमार ने विभाग को जानकारी देने के बाद मौके पर पहुंचकर खराबी ठीक करने का काम शुरू किया। इसी दौरान बिजली के पोल पर काम करते समय वे करंट की चपेट में आ गए। हादसे में गंभीर रूप से झुलसने के बाद वे घटनास्थल पर ही बेहोश होकर गिर पड़े। नौतन से जीएमसीएच किया गया रेफर घटना के बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने रवि रंजन कुमार को आनन-फानन में नौतन अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए बेतिया जीएमसीएच रेफर कर दिया। परिजन उन्हें लेकर जीएमसीएच पहुंचे, जहां जांच के बाद चिकित्सकों ने रवि रंजन कुमार को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा सूचना मिलने पर बैरिया थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। बैरिया थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार पासवान ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। जीएमसीएच में शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजनों ने बिजली विभाग पर लगाया लापरवाही का आरोप परिजनों का आरोप है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ। उनका कहना है कि रवि रंजन कुमार करीब ढाई से तीन वर्षों से बैरिया बिजली विभाग में सरकारी बिजली मिस्त्री के रूप में कार्यरत थे। वह दो भाइयों में सबसे बड़े थे और परिवार के भरण-पोषण की मुख्य जिम्मेदारी उन्हीं पर थी। उनकी अचानक मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। दो छोटे बच्चों और गर्भवती पत्नी को छोड़ गए रवि रंजन कुमार के दो छोटे बच्चे हैं। उनका पांच वर्षीय पुत्र दिव्यांशु कुमार और सात वर्षीय पुत्री कीर्ति कुमारी है। वहीं, उनकी पत्नी सुमति देवी नौ माह की गर्भवती हैं। पति की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों ने सरकार और बिजली विभाग से आश्रित परिवार को उचित मुआवजा देने के साथ परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। पश्चिम चंपारण जिले के बैरिया थाना क्षेत्र के फुलझरिया गांव में करीब 32 वर्षीय बिजली मिस्त्री रवि रंजन कुमार की करंट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। बिजली खराब होने की सूचना पर पहुंचे थे रवि रंजन घटना सुबह करीब 10 बजे की बताई जा रही है। बैरिया थाना क्षेत्र की तिलंगही मियांपुर पंचायत में बिजली खराब होने की सूचना विभाग को मिली थी। सरकारी बिजली मिस्त्री रवि रंजन कुमार ने विभाग को जानकारी देने के बाद मौके पर पहुंचकर खराबी ठीक करने का काम शुरू किया। इसी दौरान बिजली के पोल पर काम करते समय वे करंट की चपेट में आ गए। हादसे में गंभीर रूप से झुलसने के बाद वे घटनास्थल पर ही बेहोश होकर गिर पड़े। नौतन से जीएमसीएच किया गया रेफर घटना के बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने रवि रंजन कुमार को आनन-फानन में नौतन अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए बेतिया जीएमसीएच रेफर कर दिया। परिजन उन्हें लेकर जीएमसीएच पहुंचे, जहां जांच के बाद चिकित्सकों ने रवि रंजन कुमार को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा सूचना मिलने पर बैरिया थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। बैरिया थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार पासवान ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। जीएमसीएच में शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजनों ने बिजली विभाग पर लगाया लापरवाही का आरोप परिजनों का आरोप है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ। उनका कहना है कि रवि रंजन कुमार करीब ढाई से तीन वर्षों से बैरिया बिजली विभाग में सरकारी बिजली मिस्त्री के रूप में कार्यरत थे। वह दो भाइयों में सबसे बड़े थे और परिवार के भरण-पोषण की मुख्य जिम्मेदारी उन्हीं पर थी। उनकी अचानक मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। दो छोटे बच्चों और गर्भवती पत्नी को छोड़ गए रवि रंजन कुमार के दो छोटे बच्चे हैं। उनका पांच वर्षीय पुत्र दिव्यांशु कुमार और सात वर्षीय पुत्री कीर्ति कुमारी है। वहीं, उनकी पत्नी सुमति देवी नौ माह की गर्भवती हैं। पति की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों ने सरकार और बिजली विभाग से आश्रित परिवार को उचित मुआवजा देने के साथ परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।  

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