अचानक टीम इंडिया से बाहर किए जाने के बाद Suryakumar Yadav ने खोला बड़ा राज़, बताई अपनी सबसे बड़ी कमजोरी

अचानक टीम इंडिया से बाहर किए जाने के बाद Suryakumar Yadav ने खोला बड़ा राज़, बताई अपनी सबसे बड़ी कमजोरी

Suryakumar Yadav on ODI Career: T20 वर्ल्ड कप 2026 के बाद अचानक टीम इंडिया से बाहर किए गए पूर्व कप्तान सूर्यकुमार यादव ने हाल ही में कई बड़े खुलासे किए। उन्होंने अपने वनडे करियर में असफलता के बारे में भी बात की। आकाश चोपड़ा के साथ एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उनकी गलती की वजह से ही वनडे करियर ज्यादा लंबा नहीं चला और इसका गुनाहगार भी उन्होंने खुद को ठहराया। सूर्यकुमार ने भारत के लिए 37 वनडे मैच खेले, जिसमें 25 के औसत से उन्होंने 773 रन बनाए। उन्होंने 2023 वर्ल्ड कप में भी हिस्सा लिया, लेकिन कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाए। 2023 वर्ल्ड कप के बाद उन्हें वनडे की टीम से साइडलाइन कर दिया गया।

सूर्या ने बताया बल्लेबाजों के लिए वनडे मश्किल क्यों?

सूर्यकुमार यादव ने वनडे करियर को लेकर बात करते हुए बताया कि सबसे कठिन फॉर्मेट बल्लेबाजों के लिए वनडे होता है, क्योंकि यहां पर लगातार सिचुएशन बदलती रहती हैं। खासकर उन बल्लेबाजों के लिए जो चौथे, पांचवें और छठे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आते हैं। क्योंकि कभी-कभी ऐसा होता है कि जीरो रन पर दो विकेट गिर जाते हैं, फिर आपको बल्लेबाजी के लिए जाना होता है। या कभी-कभी 24 रन पर चार विकेट गिर जाते हैं और छठे नंबर के बल्लेबाज को बैटिंग के लिए उतरना पड़ता है।

वनडे क्रिकेट में आपको गेंदबाजों को सम्मान भी देना होता है। यहां पर आपको 50 के स्ट्राइक रेट से भी बल्लेबाजी करनी होती है और 100 और 140 के स्ट्राइक रेट से फिनिश भी करना होता है। मतलब आपको वनडे क्रिकेट में कभी टेस्ट की तरह खेलना होता है और कभी T20 की तरह। सूर्यकुमार ने अपने करियर को लेकर बड़ा राज खोला और बताया कि उन्हें लगता था कि वह मिडिल ऑर्डर में जो समस्या चल रही है, उसको वह दूर कर देंगे, लेकिन उन्होंने खुद बताया कि वह इस समस्या का समाधान कभी ढूंढ ही नहीं पाए। उनको पता था कि वह पांचवें-छठे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए जाएंगे।

सूर्या ने खुद को बताया गुनाहगार

वनडे करियर ज्यादा लंबा न चलने पर उन्होंने अपनी गलती मानी और बताया कि, “मैं इस फॉर्मेट को समझने के लिए कभी ज्यादा मेहनत की ही नहीं। पलक झपकते ही 20-25 गेम निकल चुके थे और उनको पता भी नहीं चला कि यह मैच कब हुआ।” इस तरह उन्हें वनडे सेटअप से भी बाहर कर दिया गया।

सूर्य को अभी भी मलाल है कि वह वनडे क्रिकेट ज्यादा नहीं खेल पाए। उन्हें हैरानी भी होती है कि आखिर वह इस फॉर्मेट में अच्छा क्यों नहीं कर पाए। हालांकि, इसका जिम्मेदार वह किसी और को नहीं, बल्कि खुद को मानते हैं। उन्होंने बताया कि, “मैं जितनी T20 क्रिकेट खेलने के लिए मेहनत की, उतनी इस फॉर्मेट के लिए मेहनत नहीं की।”

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