विदिशा जिले के झूकरजोगी गांव में भुजरिया पर्व पर एक खास परंपरा निभाई जाती है। यहां भुजरियों के विसर्जन से पहले पेड़ पर बंधे नारियल को बंदूक से निशाना लगाया जाता है। नारियल टूटने के बाद ही भुजरियों का विसर्जन किया जाता है। इस साल भी नारियल को तोड़ने के लिए कई राउंड फायर किए गए। परंपरा देखने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। भुजरिया पर्व पर झूकरजोगी गांव में सुबह से ही उत्साह का माहौल रहा। महिलाएं सज-धजकर अपनी-अपनी भुजरियां लेकर जुलूस में शामिल हुईं। गांव के लाइसेंसधारी बंदूकधारी भी बंदूकें लेकर जुलूस में शामिल हुए। तस्वीरें देखें… लहंगी नृत्य आकर्षण का केंद्र जुलूस गांव के हनुमान मंदिर पहुंचा। यहां मैदान में भुजरियों को एक स्थान पर रखा गया। महिलाओं ने भुजरियों की परिक्रमा की और सामूहिक रूप से लहंगी नृत्य किया। इसके बाद लोगों का ध्यान मैदान के ऊपर पेड़ पर बंधे नारियल की ओर गया। नारियल को पेड़ पर ऊंचाई पर बांधा गया था। उसे तोड़ने के लिए बंदूक से कई राउंड फायर किए गए। नारियल टूटने के बाद भुजरियों का विसर्जन किया गया।

