मिर्जापुर में मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय को विधि (लॉ) पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) से मान्यता मिल गई है। विश्वविद्यालय को मिली इस मान्यता के बाद अब मिर्जापुर समेत विंध्याचल मंडल के विद्यार्थियों के लिए स्थानीय स्तर पर कानून की पढ़ाई का रास्ता खुल गया है। इससे सोनभद्र, भदोही और आसपास के जिलों के विद्यार्थियों को भी लाभ मिलेगा। BCI की टीम ने किया था विश्वविद्यालय का निरीक्षण बार काउंसिल ऑफ इंडिया की विधि शिक्षा स्थायी समिति ने विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया था। इस दौरान समिति ने विश्वविद्यालय की आधारभूत सुविधाओं, शैक्षणिक व्यवस्थाओं, अभिलेखों और विधि शिक्षा के लिए निर्धारित मानकों का परीक्षण किया। निरीक्षण और जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद विश्वविद्यालय को विधि पाठ्यक्रम संचालित करने की अनुमति दी गई। अब प्रयागराज-वाराणसी नहीं जाना पड़ेगा मान्यता मिलने के बाद कानून की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को एलएलबी समेत विधि शिक्षा के लिए प्रयागराज, वाराणसी या अन्य शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर ही पढ़ाई की सुविधा मिलने से विद्यार्थियों और उनके परिवारों का समय और खर्च दोनों बचेंगे। कानून के क्षेत्र में करियर के नए अवसर विश्वविद्यालय में लॉ की पढ़ाई शुरू होने से विद्यार्थियों के लिए कानून के क्षेत्र में करियर के नए अवसर खुलेंगे। अधिवक्ता बनने के साथ न्यायिक सेवा, विधि अधिकारी और कानून से जुड़े अन्य क्षेत्रों में करियर बनाने की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को भी इसका लाभ मिलेगा। कुलपति ने उपलब्धि बताया विश्वविद्यालय की कुलपति शोभा गौड़ ने BCI से मिली मान्यता को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। कुलसचिव राम नारायण ने भी विश्वविद्यालय को विधि पाठ्यक्रम संचालित करने की अनुमति मिलने की जानकारी साझा की।

